सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:13–05:01
दिन 05:49–18:45 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:13–05:01 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:51–12:43 52 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 11:47–13:16 1 घं 28 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 15:31–17:08 1 घं 37 मि
- यमगण्ड
- 09:03–10:40 1 घं 37 मि
- गुलिक काल
- 12:17–13:54 1 घं 37 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:24–09:16 52 मिनट 23:10–23:54 44 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 01:58, 17 अप्रैल–03:24, 17 अप्रैल 1 घं 26 मि
चौघड़िया
दिन
- रोग 05:49–07:26
- उद्वेग 07:26–09:03
- चल 09:03–10:40
- लाभ 10:40–12:17
- अमृत 12:17–13:54
- काल 13:54–15:31
- शुभ 15:31–17:08
- रोग 17:08–18:45
रात
- काल 18:45–20:08
- लाभ 20:08–21:30
- उद्वेग 21:30–22:53
- शुभ 22:53–00:16, 17 अप्रैल
- अमृत 00:16, 17 अप्रैल–01:39, 17 अप्रैल
- चल 01:39, 17 अप्रैल–03:02, 17 अप्रैल
- रोग 03:02, 17 अप्रैल–04:25, 17 अप्रैल
- काल 04:25, 17 अप्रैल–05:48, 17 अप्रैल
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- चैत्र
- मास (अमांत)
- चैत्र
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- वसन्त
- सूर्य राशि
- मेष
- चंद्र राशि
- कन्या
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
16 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?
16 अप्रैल 2030 को शुक्ल त्रयोदशी है, जो 15:26 बजे तक रहती है। (हरिद्वार)
16 अप्रैल 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र 18:25 बजे तक रहता है। (हरिद्वार)
16 अप्रैल 2030 को राहु काल कब है?
हरिद्वार में राहु काल 15:31 से 17:08 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
16 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
हरिद्वार में सूर्योदय 05:49 बजे और सूर्यास्त 18:45 बजे है।