हिन्दू कैलेंडर

विक्रम संवत 2087 · शक संवत 1952 · चैत्र · वसन्त ऋतु

‹

16 अप्रैल 2030

मंगलवार · चैत्र शुक्ल त्रयोदशी, चतुर्दशी

› माह

सूर्य और चंद्र

सूर्योदय
06:02
दिनमान 12 घं 49 मि
सूर्यास्त
18:51
चंद्रोदय
17:09
चंद्रास्त
04:56

दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर

सूर्योदय 06:02 सूर्यास्त 18:51 अगला सूर्योदय 06:01
शुभ मुहूर्त
अमृत अभिजित
11:47–13:16 12:01–12:52

पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:26–05:14

अशुभ काल
दुर्मुहूर्त यमगण्ड गुलिक राहु दुर्मुहूर्त वर्ज्य
08:36–09:27 09:14–10:50 12:26–14:03 15:39–17:15 23:19–00:04, 17 अप्रैल 01:58, 17 अप्रैल–03:24, 17 अप्रैल
12 00

दिन 06:02–18:51 रात

पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

सूर्योदय 06:02 सूर्यास्त 18:51 अगला सूर्योदय 06:01
तिथि चंद्र दिवस
शुक्ल त्रयोदशी शुक्ल चतुर्दशी
15:26 12:18, 17 अप्रैल तक
नक्षत्र चंद्र का तारा
उत्तरा फाल्गुनी हस्त
18:25 16:00, 17 अप्रैल तक
योग सूर्य–चंद्र का अंतर
ध्रुव व्याघात
14:52 11:11, 17 अप्रैल तक
करण आधी तिथि
तैतिल गरज वणिज
15:26 01:55, 17 अप्रैल 12:18, 17 अप्रैल तक
वार मंगलवार
12 00

शुभ मुहूर्त

इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
04:26–05:14 48 मिनट
अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
12:01–12:52 51 मिनट
अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
11:47–13:16 1 घं 28 मि

अशुभ काल

इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें

राहु काल वार के अनुसार
15:39–17:15 1 घं 36 मि
यमगण्ड
09:14–10:50 1 घं 36 मि
गुलिक काल
12:26–14:03 1 घं 36 मि
दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
08:36–09:27 51 मिनट 23:19–00:04, 17 अप्रैल 45 मिनट
वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
01:58, 17 अप्रैल–03:24, 17 अप्रैल 1 घं 26 मि

चौघड़िया

दिन

  • रोग 06:02–07:38
  • उद्वेग 07:38–09:14
  • चल 09:14–10:50
  • लाभ 10:50–12:26
  • अमृत 12:26–14:03
  • काल 14:03–15:39
  • शुभ 15:39–17:15
  • रोग 17:15–18:51

रात

  • काल 18:51–20:15
  • लाभ 20:15–21:38
  • उद्वेग 21:38–23:02
  • शुभ 23:02–00:26, 17 अप्रैल
  • अमृत 00:26, 17 अप्रैल–01:50, 17 अप्रैल
  • चल 01:50, 17 अप्रैल–03:13, 17 अप्रैल
  • रोग 03:13, 17 अप्रैल–04:37, 17 अप्रैल
  • काल 04:37, 17 अप्रैल–06:01, 17 अप्रैल

मास, संवत और ऋतु

मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
मास (अमांत)
चैत्र
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत
2087
शक संवत
1952
ऋतु
वसन्त
सूर्य राशि
मेष
चंद्र राशि
कन्या

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

16 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?

16 अप्रैल 2030 को शुक्ल त्रयोदशी है, जो 15:26 बजे तक रहती है। (जयपुर)

16 अप्रैल 2030 को नक्षत्र कौन सा है?

उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र 18:25 बजे तक रहता है। (जयपुर)

16 अप्रैल 2030 को राहु काल कब है?

जयपुर में राहु काल 15:39 से 17:15 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।

16 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

जयपुर में सूर्योदय 06:02 बजे और सूर्यास्त 18:51 बजे है।