सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:25–05:13
दिन 06:01–18:52 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:25–05:13 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- —
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 10:36–12:02 1 घं 26 मि
बुधवार को अभिजित मुहूर्त नहीं होता।
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 12:26–14:03 1 घं 36 मि
- यमगण्ड
- 07:37–09:13 1 घं 36 मि
- गुलिक काल
- 10:50–12:26 1 घं 36 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 12:00–12:52 51 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 23:05–00:30, 18 अप्रैल 1 घं 25 मि
चौघड़िया
दिन
- लाभ 06:01–07:37
- अमृत 07:37–09:13
- काल 09:13–10:50
- शुभ 10:50–12:26
- रोग 12:26–14:03
- उद्वेग 14:03–15:39
- चल 15:39–17:15
- लाभ 17:15–18:52
रात
- उद्वेग 18:52–20:15
- शुभ 20:15–21:39
- अमृत 21:39–23:02
- चल 23:02–00:26, 18 अप्रैल
- रोग 00:26, 18 अप्रैल–01:49, 18 अप्रैल
- काल 01:49, 18 अप्रैल–03:13, 18 अप्रैल
- लाभ 03:13, 18 अप्रैल–04:36, 18 अप्रैल
- उद्वेग 04:36, 18 अप्रैल–06:00, 18 अप्रैल
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- चैत्र
- मास (अमांत)
- चैत्र
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- वसन्त
- सूर्य राशि
- मेष
- चंद्र राशि
- कन्या
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
17 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?
17 अप्रैल 2030 को शुक्ल चतुर्दशी है, जो 12:18 बजे तक रहती है। (जयपुर)
17 अप्रैल 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
हस्त नक्षत्र 16:00 बजे तक रहता है। (जयपुर)
17 अप्रैल 2030 को राहु काल कब है?
जयपुर में राहु काल 12:26 से 14:03 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
17 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
जयपुर में सूर्योदय 06:01 बजे और सूर्यास्त 18:52 बजे है।