हिन्दू कैलेंडर

विक्रम संवत 2087 · शक संवत 1952 · चैत्र · वसन्त ऋतु

‹

18 अप्रैल 2030

गुरुवार · चैत्र शुक्ल पूर्णिमा, कृष्ण प्रतिपदा, द्वितीया

› माह

हनुमान जयंती

जयंती

सूर्य और चंद्र

सूर्योदय
06:00
दिनमान 12 घं 52 मि
सूर्यास्त
18:52
चंद्रोदय
19:24
चंद्रास्त
—

दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर

सूर्योदय 06:00 सूर्यास्त 18:52 अगला सूर्योदय 05:59
शुभ मुहूर्त
अमृत अभिजित अमृत
07:36–09:01 12:00–12:52 02:41, 19 अप्रैल–04:06, 19 अप्रैल

पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:24–05:12

अशुभ काल
यमगण्ड गुलिक दुर्मुहूर्त राहु दुर्मुहूर्त वर्ज्य
06:00–07:36 09:13–10:49 10:17–11:09 14:02–15:39 15:26–16:18 18:13–19:38
12 00

दिन 06:00–18:52 रात

पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

सूर्योदय 06:00 सूर्यास्त 18:52 अगला सूर्योदय 05:59
तिथि चंद्र दिवस
शुक्ल पूर्णिमा कृष्ण प्रतिपदा
08:50 05:12, 19 अप्रैल 01:36, 20 अप्रैल तक
नक्षत्र चंद्र का तारा
चित्रा स्वाति
13:17 10:27, 19 अप्रैल तक
योग सूर्य–चंद्र का अंतर
हर्षण वज्र सिद्धि
07:14 03:07, 19 अप्रैल 23:01, 19 अप्रैल तक
करण आधी तिथि
बव बालव कौलव
08:50 19:01 05:12, 19 अप्रैल 15:23, 19 अप्रैल तक
वार गुरुवार
12 00

शुभ मुहूर्त

इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
04:24–05:12 48 मिनट
अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
12:00–12:52 51 मिनट
अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
07:36–09:01 1 घं 25 मि 02:41, 19 अप्रैल–04:06, 19 अप्रैल 1 घं 25 मि

अशुभ काल

इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें

राहु काल वार के अनुसार
14:02–15:39 1 घं 37 मि
यमगण्ड
06:00–07:36 1 घं 37 मि
गुलिक काल
09:13–10:49 1 घं 37 मि
दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
10:17–11:09 51 मिनट 15:26–16:18 51 मिनट
वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
18:13–19:38 1 घं 25 मि

चौघड़िया

दिन

  • शुभ 06:00–07:36
  • रोग 07:36–09:13
  • उद्वेग 09:13–10:49
  • चल 10:49–12:26
  • लाभ 12:26–14:02
  • अमृत 14:02–15:39
  • काल 15:39–17:16
  • शुभ 17:16–18:52

रात

  • अमृत 18:52–20:15
  • चल 20:15–21:39
  • रोग 21:39–23:02
  • काल 23:02–00:25, 19 अप्रैल
  • लाभ 00:25, 19 अप्रैल–01:49, 19 अप्रैल
  • उद्वेग 01:49, 19 अप्रैल–03:12, 19 अप्रैल
  • शुभ 03:12, 19 अप्रैल–04:35, 19 अप्रैल
  • अमृत 04:35, 19 अप्रैल–05:59, 19 अप्रैल

मास, संवत और ऋतु

मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
मास (अमांत)
चैत्र
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत
2087
शक संवत
1952
ऋतु
वसन्त
सूर्य राशि
मेष
चंद्र राशि
तुला

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

18 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?

18 अप्रैल 2030 को शुक्ल पूर्णिमा है, जो 08:50 बजे तक रहती है। (जयपुर)

18 अप्रैल 2030 को नक्षत्र कौन सा है?

चित्रा नक्षत्र 13:17 बजे तक रहता है। (जयपुर)

18 अप्रैल 2030 को राहु काल कब है?

जयपुर में राहु काल 14:02 से 15:39 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।

18 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

जयपुर में सूर्योदय 06:00 बजे और सूर्यास्त 18:52 बजे है।