हनुमान जयंती
जयंतीसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 03:56–04:44
दिन 05:32–18:22 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 03:56–04:44 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:32–12:23 51 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 07:36–09:01 1 घं 25 मि 02:41, 19 अप्रैल–04:06, 19 अप्रैल 1 घं 25 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 13:33–15:10 1 घं 36 मि
- यमगण्ड
- 05:32–07:09 1 घं 36 मि
- गुलिक काल
- 08:45–10:21 1 घं 36 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 09:49–10:40 51 मिनट 14:57–15:48 51 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 18:13–19:38 1 घं 25 मि
चौघड़िया
दिन
- शुभ 05:32–07:09
- रोग 07:09–08:45
- उद्वेग 08:45–10:21
- चल 10:21–11:57
- लाभ 11:57–13:33
- अमृत 13:33–15:10
- काल 15:10–16:46
- शुभ 16:46–18:22
रात
- अमृत 18:22–19:46
- चल 19:46–21:09
- रोग 21:09–22:33
- काल 22:33–23:57
- लाभ 23:57–01:20, 19 अप्रैल
- उद्वेग 01:20, 19 अप्रैल–02:44, 19 अप्रैल
- शुभ 02:44, 19 अप्रैल–04:08, 19 अप्रैल
- अमृत 04:08, 19 अप्रैल–05:32, 19 अप्रैल
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- चैत्र
- मास (अमांत)
- चैत्र
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- वसन्त
- सूर्य राशि
- मेष
- चंद्र राशि
- तुला
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
18 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?
18 अप्रैल 2030 को शुक्ल पूर्णिमा है, जो 08:50 बजे तक रहती है। (वाराणसी)
18 अप्रैल 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
चित्रा नक्षत्र 13:17 बजे तक रहता है। (वाराणसी)
18 अप्रैल 2030 को राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल 13:33 से 15:10 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
18 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वाराणसी में सूर्योदय 05:32 बजे और सूर्यास्त 18:22 बजे है।