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विक्रम संवत 2087 · शक संवत 1952 · वैशाख · वसन्त ऋतु

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4 मई 2030

शनिवार · वैशाख शुक्ल द्वितीया, तृतीया

› माह

सूर्य और चंद्र

सूर्योदय
05:45
दिनमान 13 घं 4 मि
सूर्यास्त
18:49
चंद्रोदय
06:45
चंद्रास्त
20:22

दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर

सूर्योदय 05:45 सूर्यास्त 18:49 अगला सूर्योदय 05:44
शुभ मुहूर्त
अभिजित अमृत
11:51–12:43 13:47–15:36

पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:09–04:57

अशुभ काल
गुलिक दुर्मुहूर्त दुर्मुहूर्त राहु यमगण्ड
05:45–07:23 05:45–06:37 06:37–07:29 09:01–10:39 13:55–15:33
12 00

दिन 05:45–18:49 रात

पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

सूर्योदय 05:45 सूर्यास्त 18:49 अगला सूर्योदय 05:44
तिथि चंद्र दिवस
शुक्ल द्वितीया शुक्ल तृतीया
00:50, 5 मई 03:27, 6 मई तक
नक्षत्र चंद्र का तारा
कृत्तिका रोहिणी
16:30 19:39, 5 मई तक
योग सूर्य–चंद्र का अंतर
शोभन
05:31, 5 मई 06:35, 6 मई तक
करण आधी तिथि
बालव कौलव तैतिल
11:31 00:50, 5 मई 14:09, 5 मई तक
वार शनिवार
12 00

शुभ मुहूर्त

इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
04:09–04:57 48 मिनट
अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
11:51–12:43 52 मिनट
अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
13:47–15:36 1 घं 49 मि

अशुभ काल

इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें

राहु काल वार के अनुसार
09:01–10:39 1 घं 38 मि
यमगण्ड
13:55–15:33 1 घं 38 मि
गुलिक काल
05:45–07:23 1 घं 38 मि
दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
05:45–06:37 52 मिनट 06:37–07:29 52 मिनट
वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
—

चौघड़िया

दिन

  • काल 05:45–07:23
  • शुभ 07:23–09:01
  • रोग 09:01–10:39
  • उद्वेग 10:39–12:17
  • चल 12:17–13:55
  • लाभ 13:55–15:33
  • अमृत 15:33–17:11
  • काल 17:11–18:49

रात

  • लाभ 18:49–20:11
  • उद्वेग 20:11–21:33
  • शुभ 21:33–22:55
  • अमृत 22:55–00:16, 5 मई
  • चल 00:16, 5 मई–01:38, 5 मई
  • रोग 01:38, 5 मई–03:00, 5 मई
  • काल 03:00, 5 मई–04:22, 5 मई
  • लाभ 04:22, 5 मई–05:44, 5 मई

मास, संवत और ऋतु

मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
मास (अमांत)
वैशाख
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत
2087
शक संवत
1952
ऋतु
वसन्त
सूर्य राशि
मेष
चंद्र राशि
वृषभ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

4 मई 2030 को कौन सी तिथि है?

4 मई 2030 को शुक्ल द्वितीया है, जो 00:50, 5 मई बजे तक रहती है। (भोपाल)

4 मई 2030 को नक्षत्र कौन सा है?

कृत्तिका नक्षत्र 16:30 बजे तक रहता है। (भोपाल)

4 मई 2030 को राहु काल कब है?

भोपाल में राहु काल 09:01 से 10:39 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।

4 मई 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

भोपाल में सूर्योदय 05:45 बजे और सूर्यास्त 18:49 बजे है।