सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 03:39–04:27
दिन 05:15–18:11 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 03:39–04:27 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:17–12:09 52 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 13:47–15:36 1 घं 49 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 08:29–10:06 1 घं 37 मि
- यमगण्ड
- 13:20–14:57 1 घं 37 मि
- गुलिक काल
- 05:15–06:52 1 घं 37 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 05:15–06:07 52 मिनट 06:07–06:58 52 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- —
चौघड़िया
दिन
- काल 05:15–06:52
- शुभ 06:52–08:29
- रोग 08:29–10:06
- उद्वेग 10:06–11:43
- चल 11:43–13:20
- लाभ 13:20–14:57
- अमृत 14:57–16:34
- काल 16:34–18:11
रात
- लाभ 18:11–19:34
- उद्वेग 19:34–20:57
- शुभ 20:57–22:20
- अमृत 22:20–23:43
- चल 23:43–01:06, 5 मई
- रोग 01:06, 5 मई–02:29, 5 मई
- काल 02:29, 5 मई–03:52, 5 मई
- लाभ 03:52, 5 मई–05:14, 5 मई
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- वैशाख
- मास (अमांत)
- वैशाख
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- वसन्त
- सूर्य राशि
- मेष
- चंद्र राशि
- वृषभ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
4 मई 2030 को कौन सी तिथि है?
4 मई 2030 को शुक्ल द्वितीया है, जो 00:50, 5 मई बजे तक रहती है। (भुवनेश्वर)
4 मई 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
कृत्तिका नक्षत्र 16:30 बजे तक रहता है। (भुवनेश्वर)
4 मई 2030 को राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल 08:29 से 10:06 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
4 मई 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:15 बजे और सूर्यास्त 18:11 बजे है।