सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 03:35–04:23
दिन 05:11–18:15 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 03:35–04:23 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:17–12:09 52 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 23:46–01:20, 13 मई 1 घं 34 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 16:37–18:15 1 घं 38 मि
- यमगण्ड
- 11:43–13:21 1 घं 38 मि
- गुलिक काल
- 14:59–16:37 1 घं 38 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 16:30–17:22 52 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 14:25–15:59 1 घं 34 मि
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग 05:11–06:49
- चल 06:49–08:27
- लाभ 08:27–10:05
- अमृत 10:05–11:43
- काल 11:43–13:21
- शुभ 13:21–14:59
- रोग 14:59–16:37
- उद्वेग 16:37–18:15
रात
- शुभ 18:15–19:36
- अमृत 19:36–20:58
- चल 20:58–22:20
- रोग 22:20–23:42
- काल 23:42–01:04, 13 मई
- लाभ 01:04, 13 मई–02:26, 13 मई
- उद्वेग 02:26, 13 मई–03:48, 13 मई
- शुभ 03:48, 13 मई–05:10, 13 मई
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- वैशाख
- मास (अमांत)
- वैशाख
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- वसन्त
- सूर्य राशि
- मेष
- चंद्र राशि
- सिंह
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
12 मई 2030 को कौन सी तिथि है?
12 मई 2030 को शुक्ल नवमी है, जो 10:00 बजे तक रहती है। (भुवनेश्वर)
12 मई 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
मघा नक्षत्र 06:37 बजे तक रहता है। (भुवनेश्वर)
12 मई 2030 को राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल 16:37 से 18:15 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
12 मई 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:11 बजे और सूर्यास्त 18:15 बजे है।