सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 03:38–04:26
दिन 05:14–18:34 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 03:38–04:26 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:27–12:21 53 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 23:46–01:20, 13 मई 1 घं 34 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 16:54–18:34 1 घं 40 मि
- यमगण्ड
- 11:54–13:34 1 घं 40 मि
- गुलिक काल
- 15:14–16:54 1 घं 40 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 16:47–17:41 53 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 14:25–15:59 1 घं 34 मि
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग 05:14–06:54
- चल 06:54–08:34
- लाभ 08:34–10:14
- अमृत 10:14–11:54
- काल 11:54–13:34
- शुभ 13:34–15:14
- रोग 15:14–16:54
- उद्वेग 16:54–18:34
रात
- शुभ 18:34–19:54
- अमृत 19:54–21:14
- चल 21:14–22:34
- रोग 22:34–23:54
- काल 23:54–01:14, 13 मई
- लाभ 01:14, 13 मई–02:34, 13 मई
- उद्वेग 02:34, 13 मई–03:54, 13 मई
- शुभ 03:54, 13 मई–05:14, 13 मई
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- वैशाख
- मास (अमांत)
- वैशाख
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- वसन्त
- सूर्य राशि
- मेष
- चंद्र राशि
- सिंह
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
12 मई 2030 को कौन सी तिथि है?
12 मई 2030 को शुक्ल नवमी है, जो 10:00 बजे तक रहती है। (वाराणसी)
12 मई 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
मघा नक्षत्र 06:37 बजे तक रहता है। (वाराणसी)
12 मई 2030 को राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल 16:54 से 18:34 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
12 मई 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वाराणसी में सूर्योदय 05:14 बजे और सूर्यास्त 18:34 बजे है।