वट सावित्री व्रत
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 03:15–04:03
दिन 04:51–18:17 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 03:15–04:03 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:07–12:01 54 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 19:49–21:37 1 घं 49 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 09:53–11:34 1 घं 41 मि
- यमगण्ड
- 14:55–16:36 1 घं 41 मि
- गुलिक काल
- 06:32–08:12 1 घं 41 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 07:32–08:26 54 मिनट 12:01–12:54 54 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 08:57–10:46 1 घं 49 मि
चौघड़िया
दिन
- चल 04:51–06:32
- लाभ 06:32–08:12
- अमृत 08:12–09:53
- काल 09:53–11:34
- शुभ 11:34–13:14
- रोग 13:14–14:55
- उद्वेग 14:55–16:36
- चल 16:36–18:17
रात
- रोग 18:17–19:36
- काल 19:36–20:55
- लाभ 20:55–22:14
- उद्वेग 22:14–23:34
- शुभ 23:34–00:53, 1 जून
- अमृत 00:53, 1 जून–02:12, 1 जून
- चल 02:12, 1 जून–03:32, 1 जून
- रोग 03:32, 1 जून–04:51, 1 जून
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- ज्येष्ठ
- मास (अमांत)
- वैशाख
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- वसन्त
- सूर्य राशि
- वृषभ
- चंद्र राशि
- वृषभ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
31 मई 2030 को कौन सी तिथि है?
31 मई 2030 को कृष्ण चतुर्दशी है, जो 09:15 बजे तक रहती है। (कोलकाता)
31 मई 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
कृत्तिका नक्षत्र 22:32 बजे तक रहता है। (कोलकाता)
31 मई 2030 को राहु काल कब है?
कोलकाता में राहु काल 09:53 से 11:34 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
31 मई 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
कोलकाता में सूर्योदय 04:51 बजे और सूर्यास्त 18:17 बजे है।