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विक्रम संवत 2087 · शक संवत 1952 · ज्येष्ठ · वसन्त ऋतु

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31 मई 2030

शुक्रवार · ज्येष्ठ कृष्ण चतुर्दशी, अमावस्या

› माह

वट सावित्री व्रत

व्रत

सूर्य और चंद्र

सूर्योदय
05:07
दिनमान 13 घं 36 मि
सूर्यास्त
18:44
चंद्रोदय
05:01
चंद्रास्त
18:00

दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर

सूर्योदय 05:07 सूर्यास्त 18:44 अगला सूर्योदय 05:07
शुभ मुहूर्त
अभिजित अमृत
11:28–12:23 19:49–21:37

पट्टी के बाहर: ब्रह्म 03:31–04:19

अशुभ काल
गुलिक दुर्मुहूर्त वर्ज्य राहु दुर्मुहूर्त यमगण्ड
06:49–08:31 07:50–08:45 08:57–10:46 10:13–11:55 12:23–13:17 15:19–17:02
12 00

दिन 05:07–18:44 रात

पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

सूर्योदय 05:07 सूर्यास्त 18:44 अगला सूर्योदय 05:07
तिथि चंद्र दिवस
कृष्ण चतुर्दशी कृष्ण अमावस्या
09:15 11:51, 1 जून तक
नक्षत्र चंद्र का तारा
कृत्तिका रोहिणी
22:32 01:38, 2 जून तक
योग सूर्य–चंद्र का अंतर
अतिगण्ड सुकर्मा
11:12 12:18, 1 जून तक
करण आधी तिथि
शकुनि चतुष्पाद नाग
09:15 22:33 11:51, 1 जून तक
वार शुक्रवार
12 00

शुभ मुहूर्त

इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
03:31–04:19 48 मिनट
अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
11:28–12:23 54 मिनट
अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
19:49–21:37 1 घं 49 मि

अशुभ काल

इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें

राहु काल वार के अनुसार
10:13–11:55 1 घं 42 मि
यमगण्ड
15:19–17:02 1 घं 42 मि
गुलिक काल
06:49–08:31 1 घं 42 मि
दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
07:50–08:45 54 मिनट 12:23–13:17 54 मिनट
वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
08:57–10:46 1 घं 49 मि

चौघड़िया

दिन

  • चल 05:07–06:49
  • लाभ 06:49–08:31
  • अमृत 08:31–10:13
  • काल 10:13–11:55
  • शुभ 11:55–13:37
  • रोग 13:37–15:19
  • उद्वेग 15:19–17:02
  • चल 17:02–18:44

रात

  • रोग 18:44–20:01
  • काल 20:01–21:19
  • लाभ 21:19–22:37
  • उद्वेग 22:37–23:55
  • शुभ 23:55–01:13, 1 जून
  • अमृत 01:13, 1 जून–02:31, 1 जून
  • चल 02:31, 1 जून–03:49, 1 जून
  • रोग 03:49, 1 जून–05:07, 1 जून

मास, संवत और ऋतु

मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
मास (अमांत)
वैशाख
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत
2087
शक संवत
1952
ऋतु
वसन्त
सूर्य राशि
वृषभ
चंद्र राशि
वृषभ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

31 मई 2030 को कौन सी तिथि है?

31 मई 2030 को कृष्ण चतुर्दशी है, जो 09:15 बजे तक रहती है। (वाराणसी)

31 मई 2030 को नक्षत्र कौन सा है?

कृत्तिका नक्षत्र 22:32 बजे तक रहता है। (वाराणसी)

31 मई 2030 को राहु काल कब है?

वाराणसी में राहु काल 10:13 से 11:55 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।

31 मई 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

वाराणसी में सूर्योदय 05:07 बजे और सूर्यास्त 18:44 बजे है।