वट सावित्री व्रत
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 03:31–04:19
दिन 05:07–18:44 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 03:31–04:19 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:28–12:23 54 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 19:49–21:37 1 घं 49 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 10:13–11:55 1 घं 42 मि
- यमगण्ड
- 15:19–17:02 1 घं 42 मि
- गुलिक काल
- 06:49–08:31 1 घं 42 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 07:50–08:45 54 मिनट 12:23–13:17 54 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 08:57–10:46 1 घं 49 मि
चौघड़िया
दिन
- चल 05:07–06:49
- लाभ 06:49–08:31
- अमृत 08:31–10:13
- काल 10:13–11:55
- शुभ 11:55–13:37
- रोग 13:37–15:19
- उद्वेग 15:19–17:02
- चल 17:02–18:44
रात
- रोग 18:44–20:01
- काल 20:01–21:19
- लाभ 21:19–22:37
- उद्वेग 22:37–23:55
- शुभ 23:55–01:13, 1 जून
- अमृत 01:13, 1 जून–02:31, 1 जून
- चल 02:31, 1 जून–03:49, 1 जून
- रोग 03:49, 1 जून–05:07, 1 जून
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- ज्येष्ठ
- मास (अमांत)
- वैशाख
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- वसन्त
- सूर्य राशि
- वृषभ
- चंद्र राशि
- वृषभ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
31 मई 2030 को कौन सी तिथि है?
31 मई 2030 को कृष्ण चतुर्दशी है, जो 09:15 बजे तक रहती है। (वाराणसी)
31 मई 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
कृत्तिका नक्षत्र 22:32 बजे तक रहता है। (वाराणसी)
31 मई 2030 को राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल 10:13 से 11:55 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
31 मई 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वाराणसी में सूर्योदय 05:07 बजे और सूर्यास्त 18:44 बजे है।