योगिनी एकादशी
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 03:32–04:20
दिन 05:08–18:30 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 03:32–04:20 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- —
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 20:12–22:00 1 घं 48 मि
बुधवार को अभिजित मुहूर्त नहीं होता।
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 11:49–13:29 1 घं 40 मि
- यमगण्ड
- 06:48–08:29 1 घं 40 मि
- गुलिक काल
- 10:09–11:49 1 घं 40 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 11:22–12:16 53 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 09:22–11:10 1 घं 48 मि
चौघड़िया
दिन
- लाभ 05:08–06:48
- अमृत 06:48–08:29
- काल 08:29–10:09
- शुभ 10:09–11:49
- रोग 11:49–13:29
- उद्वेग 13:29–15:09
- चल 15:09–16:50
- लाभ 16:50–18:30
रात
- उद्वेग 18:30–19:50
- शुभ 19:50–21:10
- अमृत 21:10–22:29
- चल 22:29–23:49
- रोग 23:49–01:09, 27 जून
- काल 01:09, 27 जून–02:29, 27 जून
- लाभ 02:29, 27 जून–03:49, 27 जून
- उद्वेग 03:49, 27 जून–05:08, 27 जून
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- आषाढ़
- मास (अमांत)
- ज्येष्ठ
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- ग्रीष्म
- सूर्य राशि
- मिथुन
- चंद्र राशि
- मेष
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
26 जून 2030 को कौन सी तिथि है?
26 जून 2030 को कृष्ण एकादशी है, जो 17:28 बजे तक रहती है। (भुवनेश्वर)
26 जून 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
भरणी नक्षत्र 01:37, 27 जून बजे तक रहता है। (भुवनेश्वर)
26 जून 2030 को राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल 11:49 से 13:29 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
26 जून 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:08 बजे और सूर्यास्त 18:30 बजे है।