सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:17–05:05
दिन 05:53–19:11 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:17–05:05 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 12:06–12:59 53 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 13:50–15:21 1 घं 32 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 15:52–17:31 1 घं 40 मि
- यमगण्ड
- 09:13–10:52 1 घं 40 मि
- गुलिक काल
- 12:32–14:12 1 घं 40 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:33–09:26 53 मिनट 23:28–00:11, 7 अगस्त 43 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 03:31, 7 अगस्त–05:01, 7 अगस्त 1 घं 31 मि
चौघड़िया
दिन
- रोग 05:53–07:33
- उद्वेग 07:33–09:13
- चल 09:13–10:52
- लाभ 10:52–12:32
- अमृत 12:32–14:12
- काल 14:12–15:52
- शुभ 15:52–17:31
- रोग 17:31–19:11
रात
- काल 19:11–20:31
- लाभ 20:31–21:52
- उद्वेग 21:52–23:12
- शुभ 23:12–00:32, 7 अगस्त
- अमृत 00:32, 7 अगस्त–01:53, 7 अगस्त
- चल 01:53, 7 अगस्त–03:13, 7 अगस्त
- रोग 03:13, 7 अगस्त–04:33, 7 अगस्त
- काल 04:33, 7 अगस्त–05:54, 7 अगस्त
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- श्रावण
- मास (अमांत)
- श्रावण
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- वर्षा
- सूर्य राशि
- कर्क
- चंद्र राशि
- तुला
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
6 अगस्त 2030 को कौन सी तिथि है?
6 अगस्त 2030 को शुक्ल सप्तमी है, जो 11:11 बजे तक रहती है। (जयपुर)
6 अगस्त 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
स्वाति नक्षत्र 22:13 बजे तक रहता है। (जयपुर)
6 अगस्त 2030 को राहु काल कब है?
जयपुर में राहु काल 15:52 से 17:31 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
6 अगस्त 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
जयपुर में सूर्योदय 05:53 बजे और सूर्यास्त 19:11 बजे है।