सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 03:51–04:39
दिन 05:27–18:40 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 03:51–04:39 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:37–12:30 53 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 13:50–15:21 1 घं 32 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 15:22–17:01 1 घं 39 मि
- यमगण्ड
- 08:45–10:24 1 घं 39 मि
- गुलिक काल
- 12:03–13:43 1 घं 39 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:05–08:58 53 मिनट 22:59–23:42 43 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 03:31, 7 अगस्त–05:01, 7 अगस्त 1 घं 31 मि
चौघड़िया
दिन
- रोग 05:27–07:06
- उद्वेग 07:06–08:45
- चल 08:45–10:24
- लाभ 10:24–12:03
- अमृत 12:03–13:43
- काल 13:43–15:22
- शुभ 15:22–17:01
- रोग 17:01–18:40
रात
- काल 18:40–20:01
- लाभ 20:01–21:22
- उद्वेग 21:22–22:43
- शुभ 22:43–00:04, 7 अगस्त
- अमृत 00:04, 7 अगस्त–01:25, 7 अगस्त
- चल 01:25, 7 अगस्त–02:45, 7 अगस्त
- रोग 02:45, 7 अगस्त–04:06, 7 अगस्त
- काल 04:06, 7 अगस्त–05:27, 7 अगस्त
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- श्रावण
- मास (अमांत)
- श्रावण
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- वर्षा
- सूर्य राशि
- कर्क
- चंद्र राशि
- तुला
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
6 अगस्त 2030 को कौन सी तिथि है?
6 अगस्त 2030 को शुक्ल सप्तमी है, जो 11:11 बजे तक रहती है। (वाराणसी)
6 अगस्त 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
स्वाति नक्षत्र 22:13 बजे तक रहता है। (वाराणसी)
6 अगस्त 2030 को राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल 15:22 से 17:01 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
6 अगस्त 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वाराणसी में सूर्योदय 05:27 बजे और सूर्यास्त 18:40 बजे है।