सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:40–05:28
दिन 06:16–19:09 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:40–05:28 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- —
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 02:12, 15 अगस्त–03:46, 15 अगस्त 1 घं 34 मि
बुधवार को अभिजित मुहूर्त नहीं होता।
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 12:43–14:19 1 घं 37 मि
- यमगण्ड
- 07:53–09:30 1 घं 37 मि
- गुलिक काल
- 11:06–12:43 1 घं 37 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 12:17–13:09 52 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 16:50–18:24 1 घं 34 मि
चौघड़िया
दिन
- लाभ 06:16–07:53
- अमृत 07:53–09:30
- काल 09:30–11:06
- शुभ 11:06–12:43
- रोग 12:43–14:19
- उद्वेग 14:19–15:56
- चल 15:56–17:33
- लाभ 17:33–19:09
रात
- उद्वेग 19:09–20:33
- शुभ 20:33–21:56
- अमृत 21:56–23:20
- चल 23:20–00:43, 15 अगस्त
- रोग 00:43, 15 अगस्त–02:06, 15 अगस्त
- काल 02:06, 15 अगस्त–03:30, 15 अगस्त
- लाभ 03:30, 15 अगस्त–04:53, 15 अगस्त
- उद्वेग 04:53, 15 अगस्त–06:17, 15 अगस्त
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- भाद्रपद
- मास (अमांत)
- श्रावण
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- वर्षा
- सूर्य राशि
- कर्क
- चंद्र राशि
- कुम्भ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
14 अगस्त 2030 को कौन सी तिथि है?
14 अगस्त 2030 को कृष्ण प्रतिपदा है, जो 14:29 बजे तक रहती है। (सूरत)
14 अगस्त 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
धनिष्ठा नक्षत्र 09:48 बजे तक रहता है। (सूरत)
14 अगस्त 2030 को राहु काल कब है?
सूरत में राहु काल 12:43 से 14:19 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
14 अगस्त 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूरत में सूर्योदय 06:16 बजे और सूर्यास्त 19:09 बजे है।