कन्या संक्रांति
त्योहारसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:37–05:25
दिन 06:13–18:29 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:37–05:25 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:56–12:45 49 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 00:44, 18 सितम्बर–02:32, 18 सितम्बर 1 घं 48 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 15:25–16:57 1 घं 32 मि
- यमगण्ड
- 09:17–10:49 1 घं 32 मि
- गुलिक काल
- 12:21–13:53 1 घं 32 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:40–09:29 49 मिनट 23:11–23:57 47 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 13:59–15:46 1 घं 48 मि
चौघड़िया
दिन
- रोग 06:13–07:45
- उद्वेग 07:45–09:17
- चल 09:17–10:49
- लाभ 10:49–12:21
- अमृत 12:21–13:53
- काल 13:53–15:25
- शुभ 15:25–16:57
- रोग 16:57–18:29
रात
- काल 18:29–19:57
- लाभ 19:57–21:25
- उद्वेग 21:25–22:53
- शुभ 22:53–00:21, 18 सितम्बर
- अमृत 00:21, 18 सितम्बर–01:49, 18 सितम्बर
- चल 01:49, 18 सितम्बर–03:17, 18 सितम्बर
- रोग 03:17, 18 सितम्बर–04:45, 18 सितम्बर
- काल 04:45, 18 सितम्बर–06:13, 18 सितम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- आश्विन
- मास (अमांत)
- भाद्रपद
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- वर्षा
- सूर्य राशि
- सिंह
- चंद्र राशि
- मेष
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
17 सितम्बर 2030 को कौन सी तिथि है?
17 सितम्बर 2030 को कृष्ण पंचमी है, जो 07:05 बजे तक रहती है। (जयपुर)
17 सितम्बर 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
कृत्तिका नक्षत्र 03:26, 18 सितम्बर बजे तक रहता है। (जयपुर)
17 सितम्बर 2030 को राहु काल कब है?
जयपुर में राहु काल 15:25 से 16:57 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
17 सितम्बर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
जयपुर में सूर्योदय 06:13 बजे और सूर्यास्त 18:29 बजे है।