कन्या संक्रांति
त्योहारसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:16–05:04
दिन 05:52–18:08 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:16–05:04 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:36–12:25 49 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 00:44, 18 सितम्बर–02:32, 18 सितम्बर 1 घं 48 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 15:04–16:36 1 घं 32 मि
- यमगण्ड
- 08:56–10:28 1 घं 32 मि
- गुलिक काल
- 12:00–13:32 1 घं 32 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:19–09:08 49 मिनट 22:50–23:37 47 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 13:59–15:46 1 घं 48 मि
चौघड़िया
दिन
- रोग 05:52–07:24
- उद्वेग 07:24–08:56
- चल 08:56–10:28
- लाभ 10:28–12:00
- अमृत 12:00–13:32
- काल 13:32–15:04
- शुभ 15:04–16:36
- रोग 16:36–18:08
रात
- काल 18:08–19:36
- लाभ 19:36–21:04
- उद्वेग 21:04–22:32
- शुभ 22:32–00:00, 18 सितम्बर
- अमृत 00:00, 18 सितम्बर–01:28, 18 सितम्बर
- चल 01:28, 18 सितम्बर–02:56, 18 सितम्बर
- रोग 02:56, 18 सितम्बर–04:24, 18 सितम्बर
- काल 04:24, 18 सितम्बर–05:52, 18 सितम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- आश्विन
- मास (अमांत)
- भाद्रपद
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- वर्षा
- सूर्य राशि
- सिंह
- चंद्र राशि
- मेष
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
17 सितम्बर 2030 को कौन सी तिथि है?
17 सितम्बर 2030 को कृष्ण पंचमी है, जो 07:05 बजे तक रहती है। (लखनऊ)
17 सितम्बर 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
कृत्तिका नक्षत्र 03:26, 18 सितम्बर बजे तक रहता है। (लखनऊ)
17 सितम्बर 2030 को राहु काल कब है?
लखनऊ में राहु काल 15:04 से 16:36 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
17 सितम्बर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
लखनऊ में सूर्योदय 05:52 बजे और सूर्यास्त 18:08 बजे है।