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विक्रम संवत 2087 · शक संवत 1952 · आश्विन · शरद ऋतु

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4 अक्टूबर 2030

शुक्रवार · आश्विन शुक्ल अष्टमी, नवमी

› माह

दुर्गा अष्टमी

त्योहार

सूर्य और चंद्र

सूर्योदय
05:58
दिनमान 11 घं 59 मि
सूर्यास्त
17:57
चंद्रोदय
12:35
चंद्रास्त
00:15

दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर

सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 17:57 अगला सूर्योदय 05:58
शुभ मुहूर्त
अभिजित अमृत
11:33–12:21 22:00–23:32

पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:22–05:10

अशुभ काल
गुलिक दुर्मुहूर्त राहु दुर्मुहूर्त वर्ज्य यमगण्ड
07:28–08:57 08:21–09:09 10:27–11:57 12:21–13:09 12:51–14:22 14:57–16:27
12 00

दिन 05:58–17:57 रात

पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 17:57 अगला सूर्योदय 05:58
तिथि चंद्र दिवस
शुक्ल अष्टमी शुक्ल नवमी
20:31 18:53, 5 अक्टूबर तक
नक्षत्र चंद्र का तारा
पूर्वाषाढ़ा उत्तराषाढ़ा
02:35, 5 अक्टूबर 01:45, 6 अक्टूबर तक
योग सूर्य–चंद्र का अंतर
शोभन अतिगण्ड
14:41 12:11, 5 अक्टूबर तक
करण आधी तिथि
विष्टि बव बालव
09:26 20:31 07:40, 5 अक्टूबर तक
वार शुक्रवार
12 00

शुभ मुहूर्त

इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
04:22–05:10 48 मिनट
अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
11:33–12:21 48 मिनट
अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
22:00–23:32 1 घं 32 मि

अशुभ काल

इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें

राहु काल वार के अनुसार
10:27–11:57 1 घं 30 मि
यमगण्ड
14:57–16:27 1 घं 30 मि
गुलिक काल
07:28–08:57 1 घं 30 मि
दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
08:21–09:09 48 मिनट 12:21–13:09 48 मिनट
वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
12:51–14:22 1 घं 32 मि

चौघड़िया

दिन

  • चल 05:58–07:28
  • लाभ 07:28–08:57
  • अमृत 08:57–10:27
  • काल 10:27–11:57
  • शुभ 11:57–13:27
  • रोग 13:27–14:57
  • उद्वेग 14:57–16:27
  • चल 16:27–17:57

रात

  • रोग 17:57–19:27
  • काल 19:27–20:57
  • लाभ 20:57–22:27
  • उद्वेग 22:27–23:57
  • शुभ 23:57–01:27, 5 अक्टूबर
  • अमृत 01:27, 5 अक्टूबर–02:57, 5 अक्टूबर
  • चल 02:57, 5 अक्टूबर–04:28, 5 अक्टूबर
  • रोग 04:28, 5 अक्टूबर–05:58, 5 अक्टूबर

मास, संवत और ऋतु

मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
मास (अमांत)
आश्विन
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत
2087
शक संवत
1952
ऋतु
शरद
सूर्य राशि
कन्या
चंद्र राशि
धनु

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

4 अक्टूबर 2030 को कौन सी तिथि है?

4 अक्टूबर 2030 को शुक्ल अष्टमी है, जो 20:31 बजे तक रहती है। (चेन्नई)

4 अक्टूबर 2030 को नक्षत्र कौन सा है?

पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र 02:35, 5 अक्टूबर बजे तक रहता है। (चेन्नई)

4 अक्टूबर 2030 को राहु काल कब है?

चेन्नई में राहु काल 10:27 से 11:57 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।

4 अक्टूबर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

चेन्नई में सूर्योदय 05:58 बजे और सूर्यास्त 17:57 बजे है।