दुर्गा अष्टमी
त्योहारसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 03:52–04:40
दिन 05:28–17:21 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 03:52–04:40 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:01–11:48 48 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 22:00–23:32 1 घं 32 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 09:56–11:25 1 घं 29 मि
- यमगण्ड
- 14:23–15:52 1 घं 29 मि
- गुलिक काल
- 06:57–08:26 1 घं 29 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 07:51–08:38 48 मिनट 11:48–12:36 48 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 12:51–14:22 1 घं 32 मि
चौघड़िया
दिन
- चल 05:28–06:57
- लाभ 06:57–08:26
- अमृत 08:26–09:56
- काल 09:56–11:25
- शुभ 11:25–12:54
- रोग 12:54–14:23
- उद्वेग 14:23–15:52
- चल 15:52–17:21
रात
- रोग 17:21–18:52
- काल 18:52–20:23
- लाभ 20:23–21:54
- उद्वेग 21:54–23:25
- शुभ 23:25–00:56, 5 अक्टूबर
- अमृत 00:56, 5 अक्टूबर–02:27, 5 अक्टूबर
- चल 02:27, 5 अक्टूबर–03:58, 5 अक्टूबर
- रोग 03:58, 5 अक्टूबर–05:29, 5 अक्टूबर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- आश्विन
- मास (अमांत)
- आश्विन
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- शरद
- सूर्य राशि
- कन्या
- चंद्र राशि
- धनु
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
4 अक्टूबर 2030 को कौन सी तिथि है?
4 अक्टूबर 2030 को शुक्ल अष्टमी है, जो 20:31 बजे तक रहती है। (कोलकाता)
4 अक्टूबर 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र 02:35, 5 अक्टूबर बजे तक रहता है। (कोलकाता)
4 अक्टूबर 2030 को राहु काल कब है?
कोलकाता में राहु काल 09:56 से 11:25 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
4 अक्टूबर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
कोलकाता में सूर्योदय 05:28 बजे और सूर्यास्त 17:21 बजे है।