सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:33–05:21
दिन 06:09–18:01 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:33–05:21 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:41–12:29 47 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- —
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 07:38–09:07 1 घं 29 मि
- यमगण्ड
- 10:36–12:05 1 घं 29 मि
- गुलिक काल
- 13:34–15:03 1 घं 29 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 12:29–13:16 47 मिनट 14:51–15:38 47 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 21:46–23:33 1 घं 47 मि
चौघड़िया
दिन
- अमृत 06:09–07:38
- काल 07:38–09:07
- शुभ 09:07–10:36
- रोग 10:36–12:05
- उद्वेग 12:05–13:34
- चल 13:34–15:03
- लाभ 15:03–16:32
- अमृत 16:32–18:01
रात
- चल 18:01–19:32
- रोग 19:32–21:03
- काल 21:03–22:34
- लाभ 22:34–00:05, 15 अक्टूबर
- उद्वेग 00:05, 15 अक्टूबर–01:36, 15 अक्टूबर
- शुभ 01:36, 15 अक्टूबर–03:07, 15 अक्टूबर
- अमृत 03:07, 15 अक्टूबर–04:38, 15 अक्टूबर
- चल 04:38, 15 अक्टूबर–06:09, 15 अक्टूबर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- कार्तिक
- मास (अमांत)
- आश्विन
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- शरद
- सूर्य राशि
- कन्या
- चंद्र राशि
- मेष
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
14 अक्टूबर 2030 को कौन सी तिथि है?
14 अक्टूबर 2030 को कृष्ण तृतीया है, जो 21:09 बजे तक रहती है। (बेंगलुरु)
14 अक्टूबर 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
भरणी नक्षत्र 08:21 बजे तक रहता है। (बेंगलुरु)
14 अक्टूबर 2030 को राहु काल कब है?
बेंगलुरु में राहु काल 07:38 से 09:07 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
14 अक्टूबर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
बेंगलुरु में सूर्योदय 06:09 बजे और सूर्यास्त 18:01 बजे है।