सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:26–05:14
दिन 06:02–17:53 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:26–05:14 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:34–12:21 47 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- —
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 07:31–09:00 1 घं 29 मि
- यमगण्ड
- 10:29–11:58 1 घं 29 मि
- गुलिक काल
- 13:27–14:56 1 घं 29 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 12:21–13:09 47 मिनट 14:44–15:31 47 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 21:46–23:33 1 घं 47 मि
चौघड़िया
दिन
- अमृत 06:02–07:31
- काल 07:31–09:00
- शुभ 09:00–10:29
- रोग 10:29–11:58
- उद्वेग 11:58–13:27
- चल 13:27–14:56
- लाभ 14:56–16:24
- अमृत 16:24–17:53
रात
- चल 17:53–19:24
- रोग 19:24–20:56
- काल 20:56–22:27
- लाभ 22:27–23:58
- उद्वेग 23:58–01:29, 15 अक्टूबर
- शुभ 01:29, 15 अक्टूबर–03:00, 15 अक्टूबर
- अमृत 03:00, 15 अक्टूबर–04:31, 15 अक्टूबर
- चल 04:31, 15 अक्टूबर–06:02, 15 अक्टूबर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- कार्तिक
- मास (अमांत)
- आश्विन
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- शरद
- सूर्य राशि
- कन्या
- चंद्र राशि
- मेष
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
14 अक्टूबर 2030 को कौन सी तिथि है?
14 अक्टूबर 2030 को कृष्ण तृतीया है, जो 21:09 बजे तक रहती है। (तिरुपति)
14 अक्टूबर 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
भरणी नक्षत्र 08:21 बजे तक रहता है। (तिरुपति)
14 अक्टूबर 2030 को राहु काल कब है?
तिरुपति में राहु काल 07:31 से 09:00 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
14 अक्टूबर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
तिरुपति में सूर्योदय 06:02 बजे और सूर्यास्त 17:53 बजे है।