सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:36–05:24
दिन 06:12–17:53 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:36–05:24 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- —
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 04:14, 31 अक्टूबर–05:42, 31 अक्टूबर 1 घं 28 मि
बुधवार को अभिजित मुहूर्त नहीं होता।
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 12:03–13:30 1 घं 28 मि
- यमगण्ड
- 07:40–09:07 1 घं 28 मि
- गुलिक काल
- 10:35–12:03 1 घं 28 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 11:39–12:26 47 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 19:26–20:54 1 घं 28 मि
चौघड़िया
दिन
- लाभ 06:12–07:40
- अमृत 07:40–09:07
- काल 09:07–10:35
- शुभ 10:35–12:03
- रोग 12:03–13:30
- उद्वेग 13:30–14:58
- चल 14:58–16:26
- लाभ 16:26–17:53
रात
- उद्वेग 17:53–19:26
- शुभ 19:26–20:58
- अमृत 20:58–22:30
- चल 22:30–00:03, 31 अक्टूबर
- रोग 00:03, 31 अक्टूबर–01:35, 31 अक्टूबर
- काल 01:35, 31 अक्टूबर–03:08, 31 अक्टूबर
- लाभ 03:08, 31 अक्टूबर–04:40, 31 अक्टूबर
- उद्वेग 04:40, 31 अक्टूबर–06:13, 31 अक्टूबर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- कार्तिक
- मास (अमांत)
- कार्तिक
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- शरद
- सूर्य राशि
- तुला
- चंद्र राशि
- वृश्चिक
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
30 अक्टूबर 2030 को कौन सी तिथि है?
30 अक्टूबर 2030 को शुक्ल चतुर्थी है, जो 13:08 बजे तक रहती है। (बेंगलुरु)
30 अक्टूबर 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
ज्येष्ठा नक्षत्र 12:06 बजे तक रहता है। (बेंगलुरु)
30 अक्टूबर 2030 को राहु काल कब है?
बेंगलुरु में राहु काल 12:03 से 13:30 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
30 अक्टूबर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
बेंगलुरु में सूर्योदय 06:12 बजे और सूर्यास्त 17:53 बजे है।