सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:45–05:33
दिन 06:21–17:17 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:45–05:33 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:27–12:11 44 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 16:07–17:46 1 घं 39 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 14:33–15:55 1 घं 22 मि
- यमगण्ड
- 09:05–10:27 1 घं 22 मि
- गुलिक काल
- 11:49–13:11 1 घं 22 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:32–09:16 44 मिनट 22:31–23:23 52 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- —
चौघड़िया
दिन
- रोग 06:21–07:43
- उद्वेग 07:43–09:05
- चल 09:05–10:27
- लाभ 10:27–11:49
- अमृत 11:49–13:11
- काल 13:11–14:33
- शुभ 14:33–15:55
- रोग 15:55–17:17
रात
- काल 17:17–18:55
- लाभ 18:55–20:33
- उद्वेग 20:33–22:11
- शुभ 22:11–23:49
- अमृत 23:49–01:27, 1 जनवरी
- चल 01:27, 1 जनवरी–03:05, 1 जनवरी
- रोग 03:05, 1 जनवरी–04:43, 1 जनवरी
- काल 04:43, 1 जनवरी–06:22, 1 जनवरी
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- पौष
- मास (अमांत)
- पौष
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- हेमन्त
- सूर्य राशि
- धनु
- चंद्र राशि
- मीन
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
31 दिसम्बर 2030 को कौन सी तिथि है?
31 दिसम्बर 2030 को शुक्ल सप्तमी है, जो 06:54 बजे तक रहती है। (भुवनेश्वर)
31 दिसम्बर 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
उत्तरा भाद्रपदा नक्षत्र 21:04 बजे तक रहता है। (भुवनेश्वर)
31 दिसम्बर 2030 को राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल 14:33 से 15:55 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
31 दिसम्बर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
भुवनेश्वर में सूर्योदय 06:21 बजे और सूर्यास्त 17:17 बजे है।