सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:11–05:59
दिन 06:47–17:23 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 05:11–05:59 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:44–12:26 42 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 16:07–17:46 1 घं 39 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 14:44–16:03 1 घं 19 मि
- यमगण्ड
- 09:26–10:46 1 घं 19 मि
- गुलिक काल
- 12:05–13:24 1 घं 19 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:54–09:37 42 मिनट 22:45–23:38 54 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- —
चौघड़िया
दिन
- रोग 06:47–08:07
- उद्वेग 08:07–09:26
- चल 09:26–10:46
- लाभ 10:46–12:05
- अमृत 12:05–13:24
- काल 13:24–14:44
- शुभ 14:44–16:03
- रोग 16:03–17:23
रात
- काल 17:23–19:03
- लाभ 19:03–20:44
- उद्वेग 20:44–22:25
- शुभ 22:25–00:05, 1 जनवरी
- अमृत 00:05, 1 जनवरी–01:46, 1 जनवरी
- चल 01:46, 1 जनवरी–03:26, 1 जनवरी
- रोग 03:26, 1 जनवरी–05:07, 1 जनवरी
- काल 05:07, 1 जनवरी–06:48, 1 जनवरी
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- पौष
- मास (अमांत)
- पौष
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- हेमन्त
- सूर्य राशि
- धनु
- चंद्र राशि
- मीन
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
31 दिसम्बर 2030 को कौन सी तिथि है?
31 दिसम्बर 2030 को शुक्ल सप्तमी है, जो 06:54 बजे तक रहती है। (प्रयागराज)
31 दिसम्बर 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
उत्तरा भाद्रपदा नक्षत्र 21:04 बजे तक रहता है। (प्रयागराज)
31 दिसम्बर 2030 को राहु काल कब है?
प्रयागराज में राहु काल 14:44 से 16:03 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
31 दिसम्बर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
प्रयागराज में सूर्योदय 06:47 बजे और सूर्यास्त 17:23 बजे है।