एकादशी
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:10–05:58
दिन 06:46–18:23 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 05:10–05:58 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 12:11–12:58 46 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 06:24, 5 मार्च–08:11, 5 मार्च 1 घं 47 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 15:29–16:56 1 घं 27 मि
- यमगण्ड
- 09:40–11:07 1 घं 27 मि
- गुलिक काल
- 12:34–14:01 1 घं 27 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 09:05–09:52 46 मिनट 23:20–00:09, 5 मार्च 49 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 19:44–21:30 1 घं 47 मि
चौघड़िया
दिन
- रोग 06:46–08:13
- उद्वेग 08:13–09:40
- चल 09:40–11:07
- लाभ 11:07–12:34
- अमृत 12:34–14:01
- काल 14:01–15:29
- शुभ 15:29–16:56
- रोग 16:56–18:23
रात
- काल 18:23–19:56
- लाभ 19:56–21:28
- उद्वेग 21:28–23:01
- शुभ 23:01–00:34, 5 मार्च
- अमृत 00:34, 5 मार्च–02:07, 5 मार्च
- चल 02:07, 5 मार्च–03:39, 5 मार्च
- रोग 03:39, 5 मार्च–05:12, 5 मार्च
- काल 05:12, 5 मार्च–06:45, 5 मार्च
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- फाल्गुन
- मास (अमांत)
- फाल्गुन
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- शिशिर
- सूर्य राशि
- कुम्भ
- चंद्र राशि
- मिथुन
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
4 मार्च 2031 को कौन सी तिथि है?
4 मार्च 2031 को शुक्ल एकादशी है, जो 06:20, 5 मार्च बजे तक रहती है। (चंडीगढ़)
4 मार्च 2031 को नक्षत्र कौन सा है?
पुनर्वसु नक्षत्र 09:04, 5 मार्च बजे तक रहता है। (चंडीगढ़)
4 मार्च 2031 को राहु काल कब है?
चंडीगढ़ में राहु काल 15:29 से 16:56 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
4 मार्च 2031 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
चंडीगढ़ में सूर्योदय 06:46 बजे और सूर्यास्त 18:23 बजे है।