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विक्रम संवत 2087 · शक संवत 1952 · फाल्गुन · शिशिर ऋतु

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4 मार्च 2031

मंगलवार · फाल्गुन शुक्ल एकादशी, द्वादशी

› माह

एकादशी

व्रत

सूर्य और चंद्र

सूर्योदय
06:56
दिनमान 11 घं 46 मि
सूर्यास्त
18:42
चंद्रोदय
14:39
चंद्रास्त
03:57

दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर

सूर्योदय 06:56 सूर्यास्त 18:42 अगला सूर्योदय 06:55
शुभ मुहूर्त
अभिजित अमृत
12:25–13:12 06:24, 5 मार्च–08:11, 5 मार्च

पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:20–06:08

अशुभ काल
दुर्मुहूर्त यमगण्ड गुलिक राहु वर्ज्य दुर्मुहूर्त
09:17–10:04 09:52–11:20 12:49–14:17 15:45–17:14 19:44–21:30 23:35–00:24, 5 मार्च
12 00

दिन 06:56–18:42 रात

पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

सूर्योदय 06:56 सूर्यास्त 18:42 अगला सूर्योदय 06:55
तिथि चंद्र दिवस
शुक्ल एकादशी
06:20, 5 मार्च 08:06, 6 मार्च तक
नक्षत्र चंद्र का तारा
पुनर्वसु
09:04, 5 मार्च तक
योग सूर्य–चंद्र का अंतर
आयुष्मान सौभाग्य
08:20 08:57, 5 मार्च तक
करण आधी तिथि
वणिज विष्टि
17:15 06:20, 5 मार्च 19:17, 5 मार्च तक
वार मंगलवार
12 00

शुभ मुहूर्त

इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
05:20–06:08 48 मिनट
अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
12:25–13:12 47 मिनट
अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
06:24, 5 मार्च–08:11, 5 मार्च 1 घं 47 मि

अशुभ काल

इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें

राहु काल वार के अनुसार
15:45–17:14 1 घं 28 मि
यमगण्ड
09:52–11:20 1 घं 28 मि
गुलिक काल
12:49–14:17 1 घं 28 मि
दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
09:17–10:04 47 मिनट 23:35–00:24, 5 मार्च 49 मिनट
वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
19:44–21:30 1 घं 47 मि

चौघड़िया

दिन

  • रोग 06:56–08:24
  • उद्वेग 08:24–09:52
  • चल 09:52–11:20
  • लाभ 11:20–12:49
  • अमृत 12:49–14:17
  • काल 14:17–15:45
  • शुभ 15:45–17:14
  • रोग 17:14–18:42

रात

  • काल 18:42–20:13
  • लाभ 20:13–21:45
  • उद्वेग 21:45–23:17
  • शुभ 23:17–00:48, 5 मार्च
  • अमृत 00:48, 5 मार्च–02:20, 5 मार्च
  • चल 02:20, 5 मार्च–03:52, 5 मार्च
  • रोग 03:52, 5 मार्च–05:23, 5 मार्च
  • काल 05:23, 5 मार्च–06:55, 5 मार्च

मास, संवत और ऋतु

मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
मास (अमांत)
फाल्गुन
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत
2087
शक संवत
1952
ऋतु
शिशिर
सूर्य राशि
कुम्भ
चंद्र राशि
मिथुन

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

4 मार्च 2031 को कौन सी तिथि है?

4 मार्च 2031 को शुक्ल एकादशी है, जो 06:20, 5 मार्च बजे तक रहती है। (वडोदरा)

4 मार्च 2031 को नक्षत्र कौन सा है?

पुनर्वसु नक्षत्र 09:04, 5 मार्च बजे तक रहता है। (वडोदरा)

4 मार्च 2031 को राहु काल कब है?

वडोदरा में राहु काल 15:45 से 17:14 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।

4 मार्च 2031 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

वडोदरा में सूर्योदय 06:56 बजे और सूर्यास्त 18:42 बजे है।