पूर्णिमा
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:25–05:13
दिन 06:01–19:24 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:25–05:13 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 12:16–13:09 54 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 11:03–12:28 1 घं 24 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 11:02–12:43 1 घं 40 मि
- यमगण्ड
- 16:03–17:44 1 घं 40 मि
- गुलिक काल
- 07:41–09:22 1 घं 40 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:41–09:35 54 मिनट 13:09–14:03 54 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 15:16–16:40 1 घं 24 मि 01:03, 5 जुलाई–02:27, 5 जुलाई 1 घं 24 मि
चौघड़िया
दिन
- चल 06:01–07:41
- लाभ 07:41–09:22
- अमृत 09:22–11:02
- काल 11:02–12:43
- शुभ 12:43–14:23
- रोग 14:23–16:03
- उद्वेग 16:03–17:44
- चल 17:44–19:24
रात
- रोग 19:24–20:44
- काल 20:44–22:04
- लाभ 22:04–23:23
- उद्वेग 23:23–00:43, 5 जुलाई
- शुभ 00:43, 5 जुलाई–02:02, 5 जुलाई
- अमृत 02:02, 5 जुलाई–03:22, 5 जुलाई
- चल 03:22, 5 जुलाई–04:41, 5 जुलाई
- रोग 04:41, 5 जुलाई–06:01, 5 जुलाई
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- आषाढ़
- मास (अमांत)
- आषाढ़
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2088
- शक संवत
- 1953
- ऋतु
- ग्रीष्म
- सूर्य राशि
- मिथुन
- चंद्र राशि
- धनु
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
4 जुलाई 2031 को कौन सी तिथि है?
4 जुलाई 2031 को शुक्ल पूर्णिमा है, जो 00:31, 5 जुलाई बजे तक रहती है। (सूरत)
4 जुलाई 2031 को नक्षत्र कौन सा है?
मूल नक्षत्र 16:40 बजे तक रहता है। (सूरत)
4 जुलाई 2031 को राहु काल कब है?
सूरत में राहु काल 11:02 से 12:43 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
4 जुलाई 2031 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूरत में सूर्योदय 06:01 बजे और सूर्यास्त 19:24 बजे है।