एकादशी
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:31–05:19
दिन 06:07–18:41 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:31–05:19 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- —
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 11:13–13:01 1 घं 48 मि
बुधवार को अभिजित मुहूर्त नहीं होता।
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 12:24–13:58 1 घं 34 मि
- यमगण्ड
- 07:41–09:15 1 घं 34 मि
- गुलिक काल
- 10:50–12:24 1 घं 34 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 11:59–12:49 50 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- —
चौघड़िया
दिन
- लाभ 06:07–07:41
- अमृत 07:41–09:15
- काल 09:15–10:50
- शुभ 10:50–12:24
- रोग 12:24–13:58
- उद्वेग 13:58–15:33
- चल 15:33–17:07
- लाभ 17:07–18:41
रात
- उद्वेग 18:41–20:07
- शुभ 20:07–21:33
- अमृत 21:33–22:58
- चल 22:58–00:24, 14 अगस्त
- रोग 00:24, 14 अगस्त–01:50, 14 अगस्त
- काल 01:50, 14 अगस्त–03:15, 14 अगस्त
- लाभ 03:15, 14 अगस्त–04:41, 14 अगस्त
- उद्वेग 04:41, 14 अगस्त–06:07, 14 अगस्त
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- भाद्रपद
- मास (अमांत)
- श्रावण
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2088
- शक संवत
- 1953
- ऋतु
- वर्षा
- सूर्य राशि
- कर्क
- चंद्र राशि
- वृषभ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
13 अगस्त 2031 को कौन सी तिथि है?
13 अगस्त 2031 को कृष्ण एकादशी है, जो 00:58, 14 अगस्त बजे तक रहती है। (बेंगलुरु)
13 अगस्त 2031 को नक्षत्र कौन सा है?
मृगशिरा नक्षत्र 21:07 बजे तक रहता है। (बेंगलुरु)
13 अगस्त 2031 को राहु काल कब है?
बेंगलुरु में राहु काल 12:24 से 13:58 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
13 अगस्त 2031 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
बेंगलुरु में सूर्योदय 06:07 बजे और सूर्यास्त 18:41 बजे है।