एकादशी
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 03:58–04:46
दिन 05:34–18:40 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 03:58–04:46 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- —
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 11:13–13:01 1 घं 48 मि
बुधवार को अभिजित मुहूर्त नहीं होता।
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 12:07–13:45 1 घं 38 मि
- यमगण्ड
- 07:12–08:51 1 घं 38 मि
- गुलिक काल
- 10:29–12:07 1 घं 38 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 11:41–12:33 52 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- —
चौघड़िया
दिन
- लाभ 05:34–07:12
- अमृत 07:12–08:51
- काल 08:51–10:29
- शुभ 10:29–12:07
- रोग 12:07–13:45
- उद्वेग 13:45–15:23
- चल 15:23–17:01
- लाभ 17:01–18:40
रात
- उद्वेग 18:40–20:01
- शुभ 20:01–21:23
- अमृत 21:23–22:45
- चल 22:45–00:07, 14 अगस्त
- रोग 00:07, 14 अगस्त–01:29, 14 अगस्त
- काल 01:29, 14 अगस्त–02:51, 14 अगस्त
- लाभ 02:51, 14 अगस्त–04:13, 14 अगस्त
- उद्वेग 04:13, 14 अगस्त–05:35, 14 अगस्त
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- भाद्रपद
- मास (अमांत)
- श्रावण
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2088
- शक संवत
- 1953
- ऋतु
- वर्षा
- सूर्य राशि
- कर्क
- चंद्र राशि
- वृषभ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
13 अगस्त 2031 को कौन सी तिथि है?
13 अगस्त 2031 को कृष्ण एकादशी है, जो 00:58, 14 अगस्त बजे तक रहती है। (प्रयागराज)
13 अगस्त 2031 को नक्षत्र कौन सा है?
मृगशिरा नक्षत्र 21:07 बजे तक रहता है। (प्रयागराज)
13 अगस्त 2031 को राहु काल कब है?
प्रयागराज में राहु काल 12:07 से 13:45 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
13 अगस्त 2031 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
प्रयागराज में सूर्योदय 05:34 बजे और सूर्यास्त 18:40 बजे है।