एकादशी
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:32–05:20
दिन 06:08–18:23 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:32–05:20 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:51–12:40 49 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 07:29–09:17 1 घं 48 मि 05:49, 13 सितम्बर–07:36, 13 सितम्बर 1 घं 47 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 10:44–12:15 1 घं 32 मि
- यमगण्ड
- 15:19–16:51 1 घं 32 मि
- गुलिक काल
- 07:40–09:12 1 घं 32 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:35–09:24 49 मिनट 12:40–13:29 49 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 19:06–20:53 1 घं 47 मि
चौघड़िया
दिन
- चल 06:08–07:40
- लाभ 07:40–09:12
- अमृत 09:12–10:44
- काल 10:44–12:15
- शुभ 12:15–13:47
- रोग 13:47–15:19
- उद्वेग 15:19–16:51
- चल 16:51–18:23
रात
- रोग 18:23–19:51
- काल 19:51–21:19
- लाभ 21:19–22:47
- उद्वेग 22:47–00:15, 13 सितम्बर
- शुभ 00:15, 13 सितम्बर–01:44, 13 सितम्बर
- अमृत 01:44, 13 सितम्बर–03:12, 13 सितम्बर
- चल 03:12, 13 सितम्बर–04:40, 13 सितम्बर
- रोग 04:40, 13 सितम्बर–06:08, 13 सितम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- भाद्रपद
- मास (अमांत)
- भाद्रपद
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2088
- शक संवत
- 1953
- ऋतु
- वर्षा
- सूर्य राशि
- सिंह
- चंद्र राशि
- कर्क
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
12 सितम्बर 2031 को कौन सी तिथि है?
12 सितम्बर 2031 को कृष्ण एकादशी है, जो 18:06 बजे तक रहती है। (बेंगलुरु)
12 सितम्बर 2031 को नक्षत्र कौन सा है?
पुनर्वसु नक्षत्र 10:11 बजे तक रहता है। (बेंगलुरु)
12 सितम्बर 2031 को राहु काल कब है?
बेंगलुरु में राहु काल 10:44 से 12:15 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
12 सितम्बर 2031 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
बेंगलुरु में सूर्योदय 06:08 बजे और सूर्यास्त 18:23 बजे है।