एकादशी
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:11–04:59
दिन 05:47–18:10 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:11–04:59 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:34–12:23 50 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 07:29–09:17 1 घं 48 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 10:25–11:58 1 घं 33 मि
- यमगण्ड
- 15:04–16:37 1 घं 33 मि
- गुलिक काल
- 07:19–08:52 1 घं 33 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:15–09:05 50 मिनट 12:23–13:13 50 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 19:06–20:53 1 घं 47 मि
चौघड़िया
दिन
- चल 05:47–07:19
- लाभ 07:19–08:52
- अमृत 08:52–10:25
- काल 10:25–11:58
- शुभ 11:58–13:31
- रोग 13:31–15:04
- उद्वेग 15:04–16:37
- चल 16:37–18:10
रात
- रोग 18:10–19:37
- काल 19:37–21:04
- लाभ 21:04–22:31
- उद्वेग 22:31–23:59
- शुभ 23:59–01:26, 13 सितम्बर
- अमृत 01:26, 13 सितम्बर–02:53, 13 सितम्बर
- चल 02:53, 13 सितम्बर–04:20, 13 सितम्बर
- रोग 04:20, 13 सितम्बर–05:47, 13 सितम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- भाद्रपद
- मास (अमांत)
- भाद्रपद
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2088
- शक संवत
- 1953
- ऋतु
- वर्षा
- सूर्य राशि
- सिंह
- चंद्र राशि
- कर्क
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
12 सितम्बर 2031 को कौन सी तिथि है?
12 सितम्बर 2031 को कृष्ण एकादशी है, जो 18:06 बजे तक रहती है। (प्रयागराज)
12 सितम्बर 2031 को नक्षत्र कौन सा है?
पुनर्वसु नक्षत्र 10:11 बजे तक रहता है। (प्रयागराज)
12 सितम्बर 2031 को राहु काल कब है?
प्रयागराज में राहु काल 10:25 से 11:58 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
12 सितम्बर 2031 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
प्रयागराज में सूर्योदय 05:47 बजे और सूर्यास्त 18:10 बजे है।