सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:35–05:23
दिन 06:11–17:49 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:35–05:23 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:36–12:23 47 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 03:51, 24 फ़रवरी–05:24, 24 फ़रवरी 1 घं 33 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 14:54–16:21 1 घं 27 मि
- यमगण्ड
- 09:05–10:32 1 घं 27 मि
- गुलिक काल
- 12:00–13:27 1 घं 27 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:30–09:17 47 मिनट 22:45–23:35 49 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 18:35–20:07 1 घं 33 मि
चौघड़िया
दिन
- रोग 06:11–07:38
- उद्वेग 07:38–09:05
- चल 09:05–10:32
- लाभ 10:32–12:00
- अमृत 12:00–13:27
- काल 13:27–14:54
- शुभ 14:54–16:21
- रोग 16:21–17:49
रात
- काल 17:49–19:21
- लाभ 19:21–20:54
- उद्वेग 20:54–22:27
- शुभ 22:27–23:59
- अमृत 23:59–01:32, 24 फ़रवरी
- चल 01:32, 24 फ़रवरी–03:05, 24 फ़रवरी
- रोग 03:05, 24 फ़रवरी–04:37, 24 फ़रवरी
- काल 04:37, 24 फ़रवरी–06:10, 24 फ़रवरी
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- फाल्गुन
- मास (अमांत)
- माघ
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2083
- शक संवत
- 1948
- ऋतु
- शिशिर
- सूर्य राशि
- कुम्भ
- चंद्र राशि
- कन्या
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
23 फ़रवरी 2027 को कौन सी तिथि है?
23 फ़रवरी 2027 को कृष्ण तृतीया है, जो 21:49 बजे तक रहती है। (भुवनेश्वर)
23 फ़रवरी 2027 को नक्षत्र कौन सा है?
उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र 10:28 बजे तक रहता है। (भुवनेश्वर)
23 फ़रवरी 2027 को राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल 14:54 से 16:21 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
23 फ़रवरी 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
भुवनेश्वर में सूर्योदय 06:11 बजे और सूर्यास्त 17:49 बजे है।