सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:13–06:01
दिन 06:49–18:11 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 05:13–06:01 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 12:08–12:53 45 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 03:51, 24 फ़रवरी–05:24, 24 फ़रवरी 1 घं 33 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 15:21–16:46 1 घं 25 मि
- यमगण्ड
- 09:40–11:05 1 घं 25 मि
- गुलिक काल
- 12:30–13:56 1 घं 25 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 09:06–09:51 45 मिनट 23:14–00:05, 24 फ़रवरी 50 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 18:35–20:07 1 घं 33 मि
चौघड़िया
दिन
- रोग 06:49–08:15
- उद्वेग 08:15–09:40
- चल 09:40–11:05
- लाभ 11:05–12:30
- अमृत 12:30–13:56
- काल 13:56–15:21
- शुभ 15:21–16:46
- रोग 16:46–18:11
रात
- काल 18:11–19:46
- लाभ 19:46–21:21
- उद्वेग 21:21–22:55
- शुभ 22:55–00:30, 24 फ़रवरी
- अमृत 00:30, 24 फ़रवरी–02:05, 24 फ़रवरी
- चल 02:05, 24 फ़रवरी–03:39, 24 फ़रवरी
- रोग 03:39, 24 फ़रवरी–05:14, 24 फ़रवरी
- काल 05:14, 24 फ़रवरी–06:48, 24 फ़रवरी
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- फाल्गुन
- मास (अमांत)
- माघ
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2083
- शक संवत
- 1948
- ऋतु
- शिशिर
- सूर्य राशि
- कुम्भ
- चंद्र राशि
- कन्या
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
23 फ़रवरी 2027 को कौन सी तिथि है?
23 फ़रवरी 2027 को कृष्ण तृतीया है, जो 21:49 बजे तक रहती है। (हरिद्वार)
23 फ़रवरी 2027 को नक्षत्र कौन सा है?
उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र 10:28 बजे तक रहता है। (हरिद्वार)
23 फ़रवरी 2027 को राहु काल कब है?
हरिद्वार में राहु काल 15:21 से 16:46 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
23 फ़रवरी 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
हरिद्वार में सूर्योदय 06:49 बजे और सूर्यास्त 18:11 बजे है।