सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:00–05:48
दिन 06:36–18:03 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 05:00–05:48 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:56–12:42 46 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 03:51, 24 फ़रवरी–05:24, 24 फ़रवरी 1 घं 33 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 15:11–16:37 1 घं 26 मि
- यमगण्ड
- 09:27–10:53 1 घं 26 मि
- गुलिक काल
- 12:19–13:45 1 घं 26 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:53–09:39 46 मिनट 23:04–23:54 50 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 18:35–20:07 1 घं 33 मि
चौघड़िया
दिन
- रोग 06:36–08:02
- उद्वेग 08:02–09:27
- चल 09:27–10:53
- लाभ 10:53–12:19
- अमृत 12:19–13:45
- काल 13:45–15:11
- शुभ 15:11–16:37
- रोग 16:37–18:03
रात
- काल 18:03–19:37
- लाभ 19:37–21:11
- उद्वेग 21:11–22:45
- शुभ 22:45–00:19, 24 फ़रवरी
- अमृत 00:19, 24 फ़रवरी–01:53, 24 फ़रवरी
- चल 01:53, 24 फ़रवरी–03:27, 24 फ़रवरी
- रोग 03:27, 24 फ़रवरी–05:01, 24 फ़रवरी
- काल 05:01, 24 फ़रवरी–06:35, 24 फ़रवरी
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- फाल्गुन
- मास (अमांत)
- माघ
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2083
- शक संवत
- 1948
- ऋतु
- शिशिर
- सूर्य राशि
- कुम्भ
- चंद्र राशि
- कन्या
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
23 फ़रवरी 2027 को कौन सी तिथि है?
23 फ़रवरी 2027 को कृष्ण तृतीया है, जो 21:49 बजे तक रहती है। (लखनऊ)
23 फ़रवरी 2027 को नक्षत्र कौन सा है?
उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र 10:28 बजे तक रहता है। (लखनऊ)
23 फ़रवरी 2027 को राहु काल कब है?
लखनऊ में राहु काल 15:11 से 16:37 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
23 फ़रवरी 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
लखनऊ में सूर्योदय 06:36 बजे और सूर्यास्त 18:03 बजे है।