अहोई अष्टमी
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:33–05:21
दिन 06:09–17:23 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:33–05:21 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:23–12:08 45 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 17:04–18:43 1 घं 39 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 14:34–15:58 1 घं 24 मि
- यमगण्ड
- 08:57–10:21 1 घं 24 मि
- गुलिक काल
- 11:46–13:10 1 घं 24 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:23–09:08 45 मिनट 22:29–23:20 51 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 07:10–08:49 1 घं 39 मि
चौघड़िया
दिन
- रोग 06:09–07:33
- उद्वेग 07:33–08:57
- चल 08:57–10:21
- लाभ 10:21–11:46
- अमृत 11:46–13:10
- काल 13:10–14:34
- शुभ 14:34–15:58
- रोग 15:58–17:23
रात
- काल 17:23–18:58
- लाभ 18:58–20:34
- उद्वेग 20:34–22:10
- शुभ 22:10–23:46
- अमृत 23:46–01:22, 31 अक्टूबर
- चल 01:22, 31 अक्टूबर–02:58, 31 अक्टूबर
- रोग 02:58, 31 अक्टूबर–04:33, 31 अक्टूबर
- काल 04:33, 31 अक्टूबर–06:09, 31 अक्टूबर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- कार्तिक
- मास (अमांत)
- आश्विन
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2086
- शक संवत
- 1951
- ऋतु
- शरद
- सूर्य राशि
- तुला
- चंद्र राशि
- कर्क
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
30 अक्टूबर 2029 को कौन सी तिथि है?
30 अक्टूबर 2029 को कृष्ण अष्टमी है, जो 04:54, 31 अक्टूबर बजे तक रहती है। (प्रयागराज)
30 अक्टूबर 2029 को नक्षत्र कौन सा है?
पुष्य नक्षत्र 23:40 बजे तक रहता है। (प्रयागराज)
30 अक्टूबर 2029 को राहु काल कब है?
प्रयागराज में राहु काल 14:34 से 15:58 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
30 अक्टूबर 2029 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
प्रयागराज में सूर्योदय 06:09 बजे और सूर्यास्त 17:23 बजे है।