अहोई अष्टमी
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:28–05:16
दिन 06:04–17:18 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:28–05:16 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:19–12:04 45 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 17:04–18:43 1 घं 39 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 14:30–15:54 1 घं 24 मि
- यमगण्ड
- 08:53–10:17 1 घं 24 मि
- गुलिक काल
- 11:41–13:05 1 घं 24 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:19–09:04 45 मिनट 22:25–23:16 51 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 07:10–08:49 1 घं 39 मि
चौघड़िया
दिन
- रोग 06:04–07:28
- उद्वेग 07:28–08:53
- चल 08:53–10:17
- लाभ 10:17–11:41
- अमृत 11:41–13:05
- काल 13:05–14:30
- शुभ 14:30–15:54
- रोग 15:54–17:18
रात
- काल 17:18–18:54
- लाभ 18:54–20:30
- उद्वेग 20:30–22:06
- शुभ 22:06–23:41
- अमृत 23:41–01:17, 31 अक्टूबर
- चल 01:17, 31 अक्टूबर–02:53, 31 अक्टूबर
- रोग 02:53, 31 अक्टूबर–04:29, 31 अक्टूबर
- काल 04:29, 31 अक्टूबर–06:05, 31 अक्टूबर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- कार्तिक
- मास (अमांत)
- आश्विन
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2086
- शक संवत
- 1951
- ऋतु
- शरद
- सूर्य राशि
- तुला
- चंद्र राशि
- कर्क
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
30 अक्टूबर 2029 को कौन सी तिथि है?
30 अक्टूबर 2029 को कृष्ण अष्टमी है, जो 04:54, 31 अक्टूबर बजे तक रहती है। (वाराणसी)
30 अक्टूबर 2029 को नक्षत्र कौन सा है?
पुष्य नक्षत्र 23:40 बजे तक रहता है। (वाराणसी)
30 अक्टूबर 2029 को राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल 14:30 से 15:54 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
30 अक्टूबर 2029 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वाराणसी में सूर्योदय 06:04 बजे और सूर्यास्त 17:18 बजे है।