अहोई अष्टमी
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:29–05:17
दिन 06:05–17:45 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:29–05:17 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:32–12:19 47 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 17:04–18:43 1 घं 39 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 14:50–16:18 1 घं 27 मि
- यमगण्ड
- 09:00–10:28 1 घं 27 मि
- गुलिक काल
- 11:55–13:23 1 घं 27 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:25–09:12 47 मिनट 22:41–23:31 49 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 07:10–08:49 1 घं 39 मि
चौघड़िया
दिन
- रोग 06:05–07:33
- उद्वेग 07:33–09:00
- चल 09:00–10:28
- लाभ 10:28–11:55
- अमृत 11:55–13:23
- काल 13:23–14:50
- शुभ 14:50–16:18
- रोग 16:18–17:45
रात
- काल 17:45–19:18
- लाभ 19:18–20:50
- उद्वेग 20:50–22:23
- शुभ 22:23–23:56
- अमृत 23:56–01:28, 31 अक्टूबर
- चल 01:28, 31 अक्टूबर–03:01, 31 अक्टूबर
- रोग 03:01, 31 अक्टूबर–04:33, 31 अक्टूबर
- काल 04:33, 31 अक्टूबर–06:06, 31 अक्टूबर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- कार्तिक
- मास (अमांत)
- आश्विन
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2086
- शक संवत
- 1951
- ऋतु
- शरद
- सूर्य राशि
- तुला
- चंद्र राशि
- कर्क
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
30 अक्टूबर 2029 को कौन सी तिथि है?
30 अक्टूबर 2029 को कृष्ण अष्टमी है, जो 04:54, 31 अक्टूबर बजे तक रहती है। (तिरुपति)
30 अक्टूबर 2029 को नक्षत्र कौन सा है?
पुष्य नक्षत्र 23:40 बजे तक रहता है। (तिरुपति)
30 अक्टूबर 2029 को राहु काल कब है?
तिरुपति में राहु काल 14:50 से 16:18 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
30 अक्टूबर 2029 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
तिरुपति में सूर्योदय 06:05 बजे और सूर्यास्त 17:45 बजे है।