सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:13–05:01
दिन 05:49–17:10 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:13–05:01 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:07–11:52 45 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 23:30–01:08, 5 नवम्बर 1 घं 37 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 07:14–08:39 1 घं 25 मि
- यमगण्ड
- 10:05–11:30 1 घं 25 मि
- गुलिक काल
- 12:55–14:20 1 घं 25 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 11:52–12:38 45 मिनट 14:09–14:54 45 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 13:46–15:24 1 घं 37 मि
चौघड़िया
दिन
- अमृत 05:49–07:14
- काल 07:14–08:39
- शुभ 08:39–10:05
- रोग 10:05–11:30
- उद्वेग 11:30–12:55
- चल 12:55–14:20
- लाभ 14:20–15:45
- अमृत 15:45–17:10
रात
- चल 17:10–18:45
- रोग 18:45–20:20
- काल 20:20–21:55
- लाभ 21:55–23:30
- उद्वेग 23:30–01:05, 5 नवम्बर
- शुभ 01:05, 5 नवम्बर–02:40, 5 नवम्बर
- अमृत 02:40, 5 नवम्बर–04:15, 5 नवम्बर
- चल 04:15, 5 नवम्बर–05:50, 5 नवम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- कार्तिक
- मास (अमांत)
- कार्तिक
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- शरद
- सूर्य राशि
- तुला
- चंद्र राशि
- कुम्भ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
4 नवम्बर 2030 को कौन सी तिथि है?
4 नवम्बर 2030 को शुक्ल दशमी है, जो 03:34, 5 नवम्बर बजे तक रहती है। (भुवनेश्वर)
4 नवम्बर 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
धनिष्ठा नक्षत्र 06:28 बजे तक रहता है। (भुवनेश्वर)
4 नवम्बर 2030 को राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल 07:14 से 08:39 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
4 नवम्बर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:49 बजे और सूर्यास्त 17:10 बजे है।