एकादशी
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:34–06:22
दिन 07:10–17:21 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 05:34–06:22 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:55–12:36 41 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 09:05–10:35 1 घं 29 मि 07:02, 22 दिसम्बर–08:29, 22 दिसम्बर 1 घं 27 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 09:42–10:59 1 घं 16 मि
- यमगण्ड
- 13:32–14:48 1 घं 16 मि
- गुलिक काल
- 07:10–08:26 1 घं 16 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 07:10–07:50 41 मिनट 07:50–08:31 41 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 22:20–23:47 1 घं 27 मि
चौघड़िया
दिन
- काल 07:10–08:26
- शुभ 08:26–09:42
- रोग 09:42–10:59
- उद्वेग 10:59–12:15
- चल 12:15–13:32
- लाभ 13:32–14:48
- अमृत 14:48–16:05
- काल 16:05–17:21
रात
- लाभ 17:21–19:05
- उद्वेग 19:05–20:48
- शुभ 20:48–22:32
- अमृत 22:32–00:16, 22 दिसम्बर
- चल 00:16, 22 दिसम्बर–01:59, 22 दिसम्बर
- रोग 01:59, 22 दिसम्बर–03:43, 22 दिसम्बर
- काल 03:43, 22 दिसम्बर–05:26, 22 दिसम्बर
- लाभ 05:26, 22 दिसम्बर–07:10, 22 दिसम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- पौष
- मास (अमांत)
- मार्गशीर्ष
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- हेमन्त
- सूर्य राशि
- धनु
- चंद्र राशि
- तुला
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
21 दिसम्बर 2030 को कौन सी तिथि है?
21 दिसम्बर 2030 को कृष्ण एकादशी है, जो 12:33 बजे तक रहती है। (देहरादून)
21 दिसम्बर 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
स्वाति नक्षत्र 17:16 बजे तक रहता है। (देहरादून)
21 दिसम्बर 2030 को राहु काल कब है?
देहरादून में राहु काल 09:42 से 10:59 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
21 दिसम्बर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
देहरादून में सूर्योदय 07:10 बजे और सूर्यास्त 17:21 बजे है।