एकादशी
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:28–06:16
दिन 07:04–17:29 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 05:28–06:16 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:56–12:38 42 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 09:05–10:35 1 घं 29 मि 07:02, 22 दिसम्बर–08:29, 22 दिसम्बर 1 घं 27 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 09:41–10:59 1 घं 18 मि
- यमगण्ड
- 13:35–14:53 1 घं 18 मि
- गुलिक काल
- 07:04–08:23 1 घं 18 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 07:04–07:46 42 मिनट 07:46–08:28 42 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 22:20–23:47 1 घं 27 मि
चौघड़िया
दिन
- काल 07:04–08:23
- शुभ 08:23–09:41
- रोग 09:41–10:59
- उद्वेग 10:59–12:17
- चल 12:17–13:35
- लाभ 13:35–14:53
- अमृत 14:53–16:11
- काल 16:11–17:29
रात
- लाभ 17:29–19:11
- उद्वेग 19:11–20:53
- शुभ 20:53–22:35
- अमृत 22:35–00:17, 22 दिसम्बर
- चल 00:17, 22 दिसम्बर–01:59, 22 दिसम्बर
- रोग 01:59, 22 दिसम्बर–03:41, 22 दिसम्बर
- काल 03:41, 22 दिसम्बर–05:23, 22 दिसम्बर
- लाभ 05:23, 22 दिसम्बर–07:05, 22 दिसम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- पौष
- मास (अमांत)
- मार्गशीर्ष
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- हेमन्त
- सूर्य राशि
- धनु
- चंद्र राशि
- तुला
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
21 दिसम्बर 2030 को कौन सी तिथि है?
21 दिसम्बर 2030 को कृष्ण एकादशी है, जो 12:33 बजे तक रहती है। (मथुरा)
21 दिसम्बर 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
स्वाति नक्षत्र 17:16 बजे तक रहता है। (मथुरा)
21 दिसम्बर 2030 को राहु काल कब है?
मथुरा में राहु काल 09:41 से 10:59 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
21 दिसम्बर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
मथुरा में सूर्योदय 07:04 बजे और सूर्यास्त 17:29 बजे है।