एकादशी
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:27–06:15
दिन 07:03–17:46 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 05:27–06:15 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 12:03–12:46 43 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 09:05–10:35 1 घं 29 मि 07:02, 22 दिसम्बर–08:29, 22 दिसम्बर 1 घं 27 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 09:44–11:04 1 घं 20 मि
- यमगण्ड
- 13:45–15:05 1 घं 20 मि
- गुलिक काल
- 07:03–08:23 1 घं 20 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 07:03–07:46 43 मिनट 07:46–08:29 43 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 22:20–23:47 1 घं 27 मि
चौघड़िया
दिन
- काल 07:03–08:23
- शुभ 08:23–09:44
- रोग 09:44–11:04
- उद्वेग 11:04–12:24
- चल 12:24–13:45
- लाभ 13:45–15:05
- अमृत 15:05–16:25
- काल 16:25–17:46
रात
- लाभ 17:46–19:25
- उद्वेग 19:25–21:05
- शुभ 21:05–22:45
- अमृत 22:45–00:25, 22 दिसम्बर
- चल 00:25, 22 दिसम्बर–02:04, 22 दिसम्बर
- रोग 02:04, 22 दिसम्बर–03:44, 22 दिसम्बर
- काल 03:44, 22 दिसम्बर–05:24, 22 दिसम्बर
- लाभ 05:24, 22 दिसम्बर–07:03, 22 दिसम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- पौष
- मास (अमांत)
- मार्गशीर्ष
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- हेमन्त
- सूर्य राशि
- धनु
- चंद्र राशि
- तुला
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
21 दिसम्बर 2030 को कौन सी तिथि है?
21 दिसम्बर 2030 को कृष्ण एकादशी है, जो 12:33 बजे तक रहती है। (उज्जैन)
21 दिसम्बर 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
स्वाति नक्षत्र 17:16 बजे तक रहता है। (उज्जैन)
21 दिसम्बर 2030 को राहु काल कब है?
उज्जैन में राहु काल 09:44 से 11:04 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
21 दिसम्बर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
उज्जैन में सूर्योदय 07:03 बजे और सूर्यास्त 17:46 बजे है।