विजया एकादशी
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:41–05:29
दिन 06:17–17:44 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:41–05:29 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:38–12:23 46 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 09:08–10:54 1 घं 46 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 10:35–12:00 1 घं 26 मि
- यमगण्ड
- 14:52–16:18 1 घं 26 मि
- गुलिक काल
- 07:43–09:09 1 घं 26 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:34–09:20 46 मिनट 12:23–13:09 46 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 14:26–16:12 1 घं 46 मि 02:38, 14 फ़रवरी–04:22, 14 फ़रवरी 1 घं 44 मि
चौघड़िया
दिन
- चल 06:17–07:43
- लाभ 07:43–09:09
- अमृत 09:09–10:35
- काल 10:35–12:00
- शुभ 12:00–13:26
- रोग 13:26–14:52
- उद्वेग 14:52–16:18
- चल 16:18–17:44
रात
- रोग 17:44–19:18
- काल 19:18–20:52
- लाभ 20:52–22:26
- उद्वेग 22:26–00:00, 14 फ़रवरी
- शुभ 00:00, 14 फ़रवरी–01:34, 14 फ़रवरी
- अमृत 01:34, 14 फ़रवरी–03:08, 14 फ़रवरी
- चल 03:08, 14 फ़रवरी–04:42, 14 फ़रवरी
- रोग 04:42, 14 फ़रवरी–06:16, 14 फ़रवरी
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- फाल्गुन
- मास (अमांत)
- माघ
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2082
- शक संवत
- 1947
- ऋतु
- शिशिर
- सूर्य राशि
- कुम्भ
- चंद्र राशि
- धनु
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
13 फ़रवरी 2026 को कौन सी तिथि है?
13 फ़रवरी 2026 को कृष्ण एकादशी है, जो 14:26 बजे तक रहती है। (भुवनेश्वर)
13 फ़रवरी 2026 को नक्षत्र कौन सा है?
मूल नक्षत्र 16:12 बजे तक रहता है। (भुवनेश्वर)
13 फ़रवरी 2026 को राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल 10:35 से 12:00 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
13 फ़रवरी 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
भुवनेश्वर में सूर्योदय 06:17 बजे और सूर्यास्त 17:44 बजे है।