विजया एकादशी
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:00–05:48
दिन 06:36–18:17 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 05:00–05:48 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 12:03–12:49 47 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 09:08–10:54 1 घं 46 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 10:58–12:26 1 घं 28 मि
- यमगण्ड
- 15:21–16:49 1 घं 28 मि
- गुलिक काल
- 08:03–09:31 1 घं 28 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:56–09:42 47 मिनट 12:49–13:36 47 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 14:26–16:12 1 घं 46 मि 02:38, 14 फ़रवरी–04:22, 14 फ़रवरी 1 घं 44 मि
चौघड़िया
दिन
- चल 06:36–08:03
- लाभ 08:03–09:31
- अमृत 09:31–10:58
- काल 10:58–12:26
- शुभ 12:26–13:54
- रोग 13:54–15:21
- उद्वेग 15:21–16:49
- चल 16:49–18:17
रात
- रोग 18:17–19:49
- काल 19:49–21:21
- लाभ 21:21–22:54
- उद्वेग 22:54–00:26, 14 फ़रवरी
- शुभ 00:26, 14 फ़रवरी–01:58, 14 फ़रवरी
- अमृत 01:58, 14 फ़रवरी–03:31, 14 फ़रवरी
- चल 03:31, 14 फ़रवरी–05:03, 14 फ़रवरी
- रोग 05:03, 14 फ़रवरी–06:35, 14 फ़रवरी
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- फाल्गुन
- मास (अमांत)
- माघ
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2082
- शक संवत
- 1947
- ऋतु
- शिशिर
- सूर्य राशि
- कुम्भ
- चंद्र राशि
- धनु
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
13 फ़रवरी 2026 को कौन सी तिथि है?
13 फ़रवरी 2026 को कृष्ण एकादशी है, जो 14:26 बजे तक रहती है। (तिरुपति)
13 फ़रवरी 2026 को नक्षत्र कौन सा है?
मूल नक्षत्र 16:12 बजे तक रहता है। (तिरुपति)
13 फ़रवरी 2026 को राहु काल कब है?
तिरुपति में राहु काल 10:58 से 12:26 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
13 फ़रवरी 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
तिरुपति में सूर्योदय 06:36 बजे और सूर्यास्त 18:17 बजे है।