विजया एकादशी
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:58–05:46
दिन 06:34–17:50 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:58–05:46 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:49–12:34 45 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 09:08–10:54 1 घं 46 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 10:47–12:12 1 घं 25 मि
- यमगण्ड
- 15:01–16:26 1 घं 25 मि
- गुलिक काल
- 07:58–09:23 1 घं 25 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:49–09:34 45 मिनट 12:34–13:20 45 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 14:26–16:12 1 घं 46 मि 02:38, 14 फ़रवरी–04:22, 14 फ़रवरी 1 घं 44 मि
चौघड़िया
दिन
- चल 06:34–07:58
- लाभ 07:58–09:23
- अमृत 09:23–10:47
- काल 10:47–12:12
- शुभ 12:12–13:36
- रोग 13:36–15:01
- उद्वेग 15:01–16:26
- चल 16:26–17:50
रात
- रोग 17:50–19:26
- काल 19:26–21:01
- लाभ 21:01–22:36
- उद्वेग 22:36–00:12, 14 फ़रवरी
- शुभ 00:12, 14 फ़रवरी–01:47, 14 फ़रवरी
- अमृत 01:47, 14 फ़रवरी–03:22, 14 फ़रवरी
- चल 03:22, 14 फ़रवरी–04:58, 14 फ़रवरी
- रोग 04:58, 14 फ़रवरी–06:33, 14 फ़रवरी
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- फाल्गुन
- मास (अमांत)
- माघ
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2082
- शक संवत
- 1947
- ऋतु
- शिशिर
- सूर्य राशि
- कुम्भ
- चंद्र राशि
- धनु
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
13 फ़रवरी 2026 को कौन सी तिथि है?
13 फ़रवरी 2026 को कृष्ण एकादशी है, जो 14:26 बजे तक रहती है। (वाराणसी)
13 फ़रवरी 2026 को नक्षत्र कौन सा है?
मूल नक्षत्र 16:12 बजे तक रहता है। (वाराणसी)
13 फ़रवरी 2026 को राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल 10:47 से 12:12 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
13 फ़रवरी 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वाराणसी में सूर्योदय 06:34 बजे और सूर्यास्त 17:50 बजे है।