कालभैरव जयंती
जयंतीसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:29–05:17
दिन 06:05–17:05 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:29–05:17 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:13–11:57 44 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 06:41–08:14 1 घं 33 मि 02:32, 2 दिसम्बर–04:08, 2 दिसम्बर 1 घं 36 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 14:20–15:43 1 घं 23 मि
- यमगण्ड
- 08:50–10:13 1 घं 23 मि
- गुलिक काल
- 11:35–12:58 1 घं 23 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:17–09:01 44 मिनट 22:17–23:09 52 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 16:59–18:34 1 घं 36 मि
चौघड़िया
दिन
- रोग 06:05–07:27
- उद्वेग 07:27–08:50
- चल 08:50–10:13
- लाभ 10:13–11:35
- अमृत 11:35–12:58
- काल 12:58–14:20
- शुभ 14:20–15:43
- रोग 15:43–17:05
रात
- काल 17:05–18:43
- लाभ 18:43–20:20
- उद्वेग 20:20–21:58
- शुभ 21:58–23:35
- अमृत 23:35–01:13, 2 दिसम्बर
- चल 01:13, 2 दिसम्बर–02:50, 2 दिसम्बर
- रोग 02:50, 2 दिसम्बर–04:28, 2 दिसम्बर
- काल 04:28, 2 दिसम्बर–06:06, 2 दिसम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- मार्गशीर्ष
- मास (अमांत)
- कार्तिक
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2083
- शक संवत
- 1948
- ऋतु
- शरद
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
- चंद्र राशि
- सिंह
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1 दिसम्बर 2026 को कौन सी तिथि है?
1 दिसम्बर 2026 को कृष्ण अष्टमी है, जो 23:14 बजे तक रहती है। (भुवनेश्वर)
1 दिसम्बर 2026 को नक्षत्र कौन सा है?
मघा नक्षत्र 09:00 बजे तक रहता है। (भुवनेश्वर)
1 दिसम्बर 2026 को राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल 14:20 से 15:43 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
1 दिसम्बर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
भुवनेश्वर में सूर्योदय 06:05 बजे और सूर्यास्त 17:05 बजे है।