कालभैरव जयंती
जयंतीसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:23–06:11
दिन 06:59–17:52 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 05:23–06:11 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 12:04–12:47 44 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 02:32, 2 दिसम्बर–04:08, 2 दिसम्बर 1 घं 36 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 15:09–16:30 1 घं 22 मि
- यमगण्ड
- 09:42–11:04 1 घं 22 मि
- गुलिक काल
- 12:26–13:47 1 घं 22 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 09:10–09:53 44 मिनट 23:07–00:00, 2 दिसम्बर 53 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 16:59–18:34 1 घं 36 मि
चौघड़िया
दिन
- रोग 06:59–08:21
- उद्वेग 08:21–09:42
- चल 09:42–11:04
- लाभ 11:04–12:26
- अमृत 12:26–13:47
- काल 13:47–15:09
- शुभ 15:09–16:30
- रोग 16:30–17:52
रात
- काल 17:52–19:31
- लाभ 19:31–21:09
- उद्वेग 21:09–22:47
- शुभ 22:47–00:26, 2 दिसम्बर
- अमृत 00:26, 2 दिसम्बर–02:04, 2 दिसम्बर
- चल 02:04, 2 दिसम्बर–03:43, 2 दिसम्बर
- रोग 03:43, 2 दिसम्बर–05:21, 2 दिसम्बर
- काल 05:21, 2 दिसम्बर–07:00, 2 दिसम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- मार्गशीर्ष
- मास (अमांत)
- कार्तिक
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2083
- शक संवत
- 1948
- ऋतु
- शरद
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
- चंद्र राशि
- सिंह
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1 दिसम्बर 2026 को कौन सी तिथि है?
1 दिसम्बर 2026 को कृष्ण अष्टमी है, जो 23:14 बजे तक रहती है। (वडोदरा)
1 दिसम्बर 2026 को नक्षत्र कौन सा है?
मघा नक्षत्र 09:00 बजे तक रहता है। (वडोदरा)
1 दिसम्बर 2026 को राहु काल कब है?
वडोदरा में राहु काल 15:09 से 16:30 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
1 दिसम्बर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वडोदरा में सूर्योदय 06:59 बजे और सूर्यास्त 17:52 बजे है।