कालभैरव जयंती
जयंतीसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:43–05:31
दिन 06:19–17:42 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:43–05:31 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:38–12:23 46 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 06:41–08:14 1 घं 33 मि 02:32, 2 दिसम्बर–04:08, 2 दिसम्बर 1 घं 36 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 14:52–16:17 1 घं 25 मि
- यमगण्ड
- 09:10–10:35 1 घं 25 मि
- गुलिक काल
- 12:01–13:26 1 घं 25 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:36–09:21 46 मिनट 22:45–23:36 50 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 16:59–18:34 1 घं 36 मि
चौघड़िया
दिन
- रोग 06:19–07:44
- उद्वेग 07:44–09:10
- चल 09:10–10:35
- लाभ 10:35–12:01
- अमृत 12:01–13:26
- काल 13:26–14:52
- शुभ 14:52–16:17
- रोग 16:17–17:42
रात
- काल 17:42–19:17
- लाभ 19:17–20:52
- उद्वेग 20:52–22:26
- शुभ 22:26–00:01, 2 दिसम्बर
- अमृत 00:01, 2 दिसम्बर–01:36, 2 दिसम्बर
- चल 01:36, 2 दिसम्बर–03:10, 2 दिसम्बर
- रोग 03:10, 2 दिसम्बर–04:45, 2 दिसम्बर
- काल 04:45, 2 दिसम्बर–06:20, 2 दिसम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- मार्गशीर्ष
- मास (अमांत)
- कार्तिक
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2083
- शक संवत
- 1948
- ऋतु
- शरद
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
- चंद्र राशि
- सिंह
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1 दिसम्बर 2026 को कौन सी तिथि है?
1 दिसम्बर 2026 को कृष्ण अष्टमी है, जो 23:14 बजे तक रहती है। (तिरुपति)
1 दिसम्बर 2026 को नक्षत्र कौन सा है?
मघा नक्षत्र 09:00 बजे तक रहता है। (तिरुपति)
1 दिसम्बर 2026 को राहु काल कब है?
तिरुपति में राहु काल 14:52 से 16:17 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
1 दिसम्बर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
तिरुपति में सूर्योदय 06:19 बजे और सूर्यास्त 17:42 बजे है।