उत्पन्ना एकादशी
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:31–05:19
दिन 06:07–17:06 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:31–05:19 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:14–11:58 44 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 05:02, 5 दिसम्बर–06:43, 5 दिसम्बर 1 घं 42 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 10:14–11:36 1 घं 22 मि
- यमगण्ड
- 14:21–15:43 1 घं 22 मि
- गुलिक काल
- 07:29–08:52 1 घं 22 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:19–09:03 44 मिनट 11:58–12:42 44 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 18:51–20:33 1 घं 42 मि
चौघड़िया
दिन
- चल 06:07–07:29
- लाभ 07:29–08:52
- अमृत 08:52–10:14
- काल 10:14–11:36
- शुभ 11:36–12:59
- रोग 12:59–14:21
- उद्वेग 14:21–15:43
- चल 15:43–17:06
रात
- रोग 17:06–18:43
- काल 18:43–20:21
- लाभ 20:21–21:59
- उद्वेग 21:59–23:37
- शुभ 23:37–01:14, 5 दिसम्बर
- अमृत 01:14, 5 दिसम्बर–02:52, 5 दिसम्बर
- चल 02:52, 5 दिसम्बर–04:30, 5 दिसम्बर
- रोग 04:30, 5 दिसम्बर–06:07, 5 दिसम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- मार्गशीर्ष
- मास (अमांत)
- कार्तिक
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2083
- शक संवत
- 1948
- ऋतु
- शरद
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
- चंद्र राशि
- कन्या
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
4 दिसम्बर 2026 को कौन सी तिथि है?
4 दिसम्बर 2026 को कृष्ण एकादशी है, जो 23:45 बजे तक रहती है। (भुवनेश्वर)
4 दिसम्बर 2026 को नक्षत्र कौन सा है?
हस्त नक्षत्र 10:23 बजे तक रहता है। (भुवनेश्वर)
4 दिसम्बर 2026 को राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल 10:14 से 11:36 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
4 दिसम्बर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
भुवनेश्वर में सूर्योदय 06:07 बजे और सूर्यास्त 17:06 बजे है।