उत्पन्ना एकादशी
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:24–06:12
दिन 07:00–17:56 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 05:24–06:12 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 12:06–12:50 44 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 05:02, 5 दिसम्बर–06:43, 5 दिसम्बर 1 घं 42 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 11:06–12:28 1 घं 22 मि
- यमगण्ड
- 15:12–16:34 1 घं 22 मि
- गुलिक काल
- 08:22–09:44 1 घं 22 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 09:12–09:55 44 मिनट 12:50–13:34 44 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 18:51–20:33 1 घं 42 मि
चौघड़िया
दिन
- चल 07:00–08:22
- लाभ 08:22–09:44
- अमृत 09:44–11:06
- काल 11:06–12:28
- शुभ 12:28–13:50
- रोग 13:50–15:12
- उद्वेग 15:12–16:34
- चल 16:34–17:56
रात
- रोग 17:56–19:34
- काल 19:34–21:12
- लाभ 21:12–22:50
- उद्वेग 22:50–00:29, 5 दिसम्बर
- शुभ 00:29, 5 दिसम्बर–02:07, 5 दिसम्बर
- अमृत 02:07, 5 दिसम्बर–03:45, 5 दिसम्बर
- चल 03:45, 5 दिसम्बर–05:23, 5 दिसम्बर
- रोग 05:23, 5 दिसम्बर–07:01, 5 दिसम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- मार्गशीर्ष
- मास (अमांत)
- कार्तिक
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2083
- शक संवत
- 1948
- ऋतु
- शरद
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
- चंद्र राशि
- कन्या
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
4 दिसम्बर 2026 को कौन सी तिथि है?
4 दिसम्बर 2026 को कृष्ण एकादशी है, जो 23:45 बजे तक रहती है। (सूरत)
4 दिसम्बर 2026 को नक्षत्र कौन सा है?
हस्त नक्षत्र 10:23 बजे तक रहता है। (सूरत)
4 दिसम्बर 2026 को राहु काल कब है?
सूरत में राहु काल 11:06 से 12:28 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
4 दिसम्बर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूरत में सूर्योदय 07:00 बजे और सूर्यास्त 17:56 बजे है।