उत्पन्ना एकादशी
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:21–06:09
दिन 06:57–17:17 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 05:21–06:09 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:46–12:28 41 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 05:02, 5 दिसम्बर–06:43, 5 दिसम्बर 1 घं 42 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 10:49–12:07 1 घं 17 मि
- यमगण्ड
- 14:42–15:59 1 घं 17 मि
- गुलिक काल
- 08:14–09:32 1 घं 17 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 09:01–09:42 41 मिनट 12:28–13:09 41 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 18:51–20:33 1 घं 42 मि
चौघड़िया
दिन
- चल 06:57–08:14
- लाभ 08:14–09:32
- अमृत 09:32–10:49
- काल 10:49–12:07
- शुभ 12:07–13:24
- रोग 13:24–14:42
- उद्वेग 14:42–15:59
- चल 15:59–17:17
रात
- रोग 17:17–18:59
- काल 18:59–20:42
- लाभ 20:42–22:25
- उद्वेग 22:25–00:07, 5 दिसम्बर
- शुभ 00:07, 5 दिसम्बर–01:50, 5 दिसम्बर
- अमृत 01:50, 5 दिसम्बर–03:32, 5 दिसम्बर
- चल 03:32, 5 दिसम्बर–05:15, 5 दिसम्बर
- रोग 05:15, 5 दिसम्बर–06:58, 5 दिसम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- मार्गशीर्ष
- मास (अमांत)
- कार्तिक
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2083
- शक संवत
- 1948
- ऋतु
- शरद
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
- चंद्र राशि
- कन्या
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
4 दिसम्बर 2026 को कौन सी तिथि है?
4 दिसम्बर 2026 को कृष्ण एकादशी है, जो 23:45 बजे तक रहती है। (हरिद्वार)
4 दिसम्बर 2026 को नक्षत्र कौन सा है?
हस्त नक्षत्र 10:23 बजे तक रहता है। (हरिद्वार)
4 दिसम्बर 2026 को राहु काल कब है?
हरिद्वार में राहु काल 10:49 से 12:07 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
4 दिसम्बर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
हरिद्वार में सूर्योदय 06:57 बजे और सूर्यास्त 17:17 बजे है।